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कूड़ा निस्तारण हवा में, योजनाएं फाइलों में

Mon, 24 Jan 2022 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jan 2022 11:39 PM IST
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Waste disposal in the air, plans in files
बलिया। कूड़ा निस्तारण न होना किसी भी शहर के लिए सबसे बड़ी समस्या होता है। कूड़ा शहर की आबादी के बीच हो या आबादी के बाहर कूड़े के ढेर बीमारी की वजह बनते हैं। बावजूद इसके भी यह समस्या किसी चुनाव में अहम मुद्दा नहीं बन सकी और कूड़ा निस्तारण की कोशिशें सिर्फ हवा में होती रहीं। योजनाएं बनीं, लेकिन धरातल पर नहीं उतर पाईं।
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शहर में जहां प्रतिदिन कूड़ा सड़कों के किनारे डाल दिया जाता है और कूड़े की दुर्गंध शहर में प्रवेश करने वाले लोगों को परेशान करती है। इस बार नागरिकों का सवाल है कि आखिर इस समस्या के निस्तारण को कौन से दल का प्रत्याशी मजबूत भरोसा देगा। शहर से प्रतिदिन लगभग 44.58 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इसके निस्तारण को पालिका के पास कोई खास इंतजाम नहीं हैं। घरों से निकलने वाला कूड़ा आबादी के बीच जगह-जगह शहर को बदसूरत बनाता है तो फिर यहां से पालिकाकर्मी कूड़ा उठा लेते हैं तो फिर यह कूड़ा नगर पालिका के वार्ड नंबर 11 में स्थित महावीर घाट में सड़कों के किनारे डाल दिया जाता है। इससे इलाके में रोड के किनारे कूड़े के बड़े बड़े ढेर लगे हुए हैं। डंपिंग ग्राउंड का पालिका कोई इंतजाम नहीं कर पाई है।
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उपजाऊ क्षमता का क्षरण, भूगर्भीय जल हुआ दूषित
बलिया। शहर से निकलने वाले कूड़े को गंगा किनारे खाली स्थानों और महावीर घाट स्थित सड़कों के किनारे गिराया जान से बाढ़ और बारिश के दौरान कचरा पानी के साथ नदी में समा जाता है और गंगा जल को दूषित करने के साथ तटवर्ती इलाके की कृषि योग्य भूमि ऊपज क्षमता को भी प्रभावित कर रहा है। साथ ही भूगर्भीय जल भी दूषित हो रहा है।
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डंपिंग ग्राउंड पर विरोध
शहर से 16 किमी दूर बसंतपुर में कूड़ा निस्तारण केंद्र निर्माणाधीन है। प्रशासनिक उपेक्षा के कारण अपने उद्धार की राह देख रहा है। कचरा निस्तारण के लिए शासन की पहल पर वर्ष 2006 में बसंतपुर गांव में कचरा निस्तारण केंद्र की अधारशिला रखी गई। इसके निर्माण का जिम्मा सीएंडडीएस को मिला। ए टू जेड कंपनी को टेंडर दिया गया था। दोनों कंपनियों के मध्य विवाद होने के बाद मामला ट्रिब्यूनल में चला गया। अदालत में मामला लंबित होने के कारण नगर पालिका को कूड़ा निस्तारण केंद्र अब तक तैयार नहीं हो सका है।

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कचरा निस्तारण केंद्र के विवादित होने से कुछ समस्या उत्पन्न हुई है। हालांकि इसके समाधान के तौर पर डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कराया जा रहा है। शासन से निर्देशित पद्धति के आधार पर निस्तारित कराया जा रहा है। विधान सभा चुनाव समाप्त होते ही कचरा निस्तारण केंद्र का मामला हल होने की उम्मीद है। उसके बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी।
-दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, बलिया।
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