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Ballia News: अंडरपास के लिए ग्रामीणों ने रोका एक्सप्रेसवे का निर्माण
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मझौवां। बैरिया थाना क्षेत्र के सुघर छपरा, केहरपुर, श्रीनगर, गंगौली, नवका गांव सहित कई गांवों के ग्रामीणों ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के सुघर छपरा-नवका गांव मार्ग पर अंडरपास की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को कार्य रोक दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि यह मार्ग एनएच-31 पर और सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन को जोड़ने का काम करता है। एनएच-31 पर जाने के लिए दस किलोमीटर की ज्यादा दूरी तय करनी पड़ेगी। एक्सप्रेस-वे उनकी आजीविका चलाने वाली भूमि को भी दो हिस्सों में बांट रहा है। इससे गांव के लोग भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के कारण रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। इससे स्कूली बच्चों, किसानों और महिलाओं की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन्हें रास्ता नहीं दिया गया, तो वे भूख हड़ताल जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।
एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था, लेकिन जेसीबी, निर्माण में लगी बड़ी गाड़ियां और पानी के टैंकर को ग्रामीणों ने वहीं रोक दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके के कई गांवों की करीब एक लाख से ज्यादा की आबादी इससे प्रभावित हो रही है। उन्होंने साफ किया कि जब तक गांव के लिए अंडरपास नहीं बनाया जाएगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। गाजीपुर से मांझी तक ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य एनएचएआई की ओर से कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि डीपीआर बनाते समय विभाग के लोगों ने क्षेत्रीय जनता से संपर्क नहीं किया।
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श्रीनगर और नवका गांव के ग्रामीणों ने कहा कि अंडरपास न होने से गांव में आवागमन का रास्ता ही बंद हो जाएगा। मौके पर पहुंचे एसडीएम बैरिया आलोक प्रताप सिंह ग्रामीणों से शनिवार को पत्रक देने के लिए कहा है। एसएचओ बैरिया व रेवती मौजूद थे। इस मौके पर रवि प्रताप सिंह प्रधान नौकागांव, अवनीश सिंह, मुक्तेश्वर पासवान, विनय शंकर पांडेय प्रधान मून छपरा, रवि वर्मा, सरबजीत यादव आदि सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।
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ग्रामीणों का कहना था कि यह मार्ग एनएच-31 पर और सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन को जोड़ने का काम करता है। एनएच-31 पर जाने के लिए दस किलोमीटर की ज्यादा दूरी तय करनी पड़ेगी। एक्सप्रेस-वे उनकी आजीविका चलाने वाली भूमि को भी दो हिस्सों में बांट रहा है। इससे गांव के लोग भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के कारण रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। इससे स्कूली बच्चों, किसानों और महिलाओं की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन्हें रास्ता नहीं दिया गया, तो वे भूख हड़ताल जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।
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एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था, लेकिन जेसीबी, निर्माण में लगी बड़ी गाड़ियां और पानी के टैंकर को ग्रामीणों ने वहीं रोक दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके के कई गांवों की करीब एक लाख से ज्यादा की आबादी इससे प्रभावित हो रही है। उन्होंने साफ किया कि जब तक गांव के लिए अंडरपास नहीं बनाया जाएगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। गाजीपुर से मांझी तक ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य एनएचएआई की ओर से कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि डीपीआर बनाते समय विभाग के लोगों ने क्षेत्रीय जनता से संपर्क नहीं किया।
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श्रीनगर और नवका गांव के ग्रामीणों ने कहा कि अंडरपास न होने से गांव में आवागमन का रास्ता ही बंद हो जाएगा। मौके पर पहुंचे एसडीएम बैरिया आलोक प्रताप सिंह ग्रामीणों से शनिवार को पत्रक देने के लिए कहा है। एसएचओ बैरिया व रेवती मौजूद थे। इस मौके पर रवि प्रताप सिंह प्रधान नौकागांव, अवनीश सिंह, मुक्तेश्वर पासवान, विनय शंकर पांडेय प्रधान मून छपरा, रवि वर्मा, सरबजीत यादव आदि सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।