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Ballia News: सोलर ऊर्जा से रोशन होंगे विकास भवन के कार्यालय, प्रस्ताव तैयार
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बलिया। जिले में सरकारी कार्यालयाें को सोलर ऊर्जा से संचालित करने की कवायद तेज हो गई है। सरकार की मंशा है कि सरकारी कार्यालय सौर ऊर्जा से संचालित हों। सोलर ऊर्जा से संचालित होने वाला विकास भवन पहला सरकारी कार्यालय होगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार हो गया है और सीडीओ ने हरी झंडी भी दे दी है।
विकास भवन में 65 केवीए का सोलर प्लांट लगाया जाएगा। सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की जिम्मेदारी केएलके कंपनी को दी गई है। सौर ऊर्जा प्लांट के लिए सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है। अब अनुबंध होना शेष है। उम्मीद जताई जा रही है कि चार से पांच माह के अंदर सोलर प्लांट लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
कलेक्ट्रेट व तहसील भी होंगे सोलर ऊर्जा से युक्त : जिले के सभी सरकारी कार्यालयों को सोलर ऊर्जा से युक्त करने की योजना है। इसमें कलेक्ट्रेट, सभी तहसील कार्यालय, विकास खंड कार्यालय, निकाय कार्यालय, पंचायत भवन, जिला अस्पताल, टाउन पॉलिटेक्निक, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।
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बिजली बिल के आधार पर ही लगता सोलर प्लांट : किसी भी स्थल पर सोलर प्लांट स्वीकृत बिजली भार के आधार पर ही लगाया जाता हैं। एक किलो वाट सोलर 10 वर्ग अनुसार छाया युक्त कंक्रीट की छत की आवश्यकता पड़ती है।
नेडा के परियोजना निदेशक धन प्रसाद ने बताया कि विकास भवन को सोलर प्लांट से संचालित करने की योजना तैयार कर ली गई है। अन्य कई सरकारी कार्यालयों में वार्ता चल रही है।
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विकास भवन में 65 केवीए का सोलर प्लांट लगाया जाएगा। सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की जिम्मेदारी केएलके कंपनी को दी गई है। सौर ऊर्जा प्लांट के लिए सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है। अब अनुबंध होना शेष है। उम्मीद जताई जा रही है कि चार से पांच माह के अंदर सोलर प्लांट लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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कलेक्ट्रेट व तहसील भी होंगे सोलर ऊर्जा से युक्त : जिले के सभी सरकारी कार्यालयों को सोलर ऊर्जा से युक्त करने की योजना है। इसमें कलेक्ट्रेट, सभी तहसील कार्यालय, विकास खंड कार्यालय, निकाय कार्यालय, पंचायत भवन, जिला अस्पताल, टाउन पॉलिटेक्निक, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।
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बिजली बिल के आधार पर ही लगता सोलर प्लांट : किसी भी स्थल पर सोलर प्लांट स्वीकृत बिजली भार के आधार पर ही लगाया जाता हैं। एक किलो वाट सोलर 10 वर्ग अनुसार छाया युक्त कंक्रीट की छत की आवश्यकता पड़ती है।
नेडा के परियोजना निदेशक धन प्रसाद ने बताया कि विकास भवन को सोलर प्लांट से संचालित करने की योजना तैयार कर ली गई है। अन्य कई सरकारी कार्यालयों में वार्ता चल रही है।