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Ballia News: 33 हजार किसानों का हो रहा सत्यापन
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बलिया: पीएम किसान निधि पाने वाले 33 हजार किसानों का सत्यापन चल रहा है। इस दायरे में आने वाले किसानों से रिकवरी भी हो सकती है। जिले में 3.50 लाख किसानों को सम्मान निधि मिलती है। शासन से 2021-22 व 2022-23 में सम्मान निधि पाने वाले किसानों की जांच का आदेश दिया है।
इसमें 2021-22 में 15 हजार व 2022-23 में 18 हजार किसान ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक अपनी केवाइसी नहीं कराई हैं। इसके चलते ये शक के घेरे में है। इसके लिए कृषि विभाग के कर्मचारी सीधे पोर्टल पर संपर्क करके केवाइसी कर रहे हैं। अभी तक दोनों सत्रों में तीन-तीन हजार किसान सम्मान निधि पाने वाले किसानों की केवाईसी सीधे पोर्टल पर हुई है। उप कृषि निदेशक मनीष सिंह ने बताया कि सत्यापन का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। अपात्र मिलने पर उनके खाते में धनराशि नहीं भेजी जाएगी। साथ ही राजस्व की वसूली भी होगी।
ये किसान पात्र
जो भूमिधारक किसान परिवार हैं। जिन किसानों के नाम पर कृषि योग्य भूमि है। जो किसान आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
ये लोग नहीं ले सकते लाभ
पीएम किसान योजना का लाभ वे किसान नहीं रह सकते, जो संस्थागत भूमिधारक हैं, संवैधानिक पद पर रह चुके या रहने वाले लोग। सरकारी मंत्रालय, विभाग, या कार्यालय में कर्मचारी या अधिकारी रह चुके या रहने वाले लोग। स्थानीय सरकारी निकायों के नियमित कर्मचारी, केंद्र और राज्य सरकारों के वर्तमान और पूर्व मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा के वर्तमान और पूर्व सदस्य। केंद्र या राज्य सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (पीएसयू) और स्वायत्त निकायों में कर्मचारी या अधिकारी रह चुके या रहने वाले लोग। राज्य विधानसभा और राज्य विधान परिषदों के वर्तमान और पूर्व सदस्य, जिला पंचायत के वर्तमान या पूर्व अध्यक्ष और किसी भी नगर निगम के वर्तमान या पूर्व महापौर इस योजना का लाभ लेने के लिए अपात्र हैं।
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इसमें 2021-22 में 15 हजार व 2022-23 में 18 हजार किसान ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक अपनी केवाइसी नहीं कराई हैं। इसके चलते ये शक के घेरे में है। इसके लिए कृषि विभाग के कर्मचारी सीधे पोर्टल पर संपर्क करके केवाइसी कर रहे हैं। अभी तक दोनों सत्रों में तीन-तीन हजार किसान सम्मान निधि पाने वाले किसानों की केवाईसी सीधे पोर्टल पर हुई है। उप कृषि निदेशक मनीष सिंह ने बताया कि सत्यापन का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। अपात्र मिलने पर उनके खाते में धनराशि नहीं भेजी जाएगी। साथ ही राजस्व की वसूली भी होगी।
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ये किसान पात्र
जो भूमिधारक किसान परिवार हैं। जिन किसानों के नाम पर कृषि योग्य भूमि है। जो किसान आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
ये लोग नहीं ले सकते लाभ
पीएम किसान योजना का लाभ वे किसान नहीं रह सकते, जो संस्थागत भूमिधारक हैं, संवैधानिक पद पर रह चुके या रहने वाले लोग। सरकारी मंत्रालय, विभाग, या कार्यालय में कर्मचारी या अधिकारी रह चुके या रहने वाले लोग। स्थानीय सरकारी निकायों के नियमित कर्मचारी, केंद्र और राज्य सरकारों के वर्तमान और पूर्व मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा के वर्तमान और पूर्व सदस्य। केंद्र या राज्य सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (पीएसयू) और स्वायत्त निकायों में कर्मचारी या अधिकारी रह चुके या रहने वाले लोग। राज्य विधानसभा और राज्य विधान परिषदों के वर्तमान और पूर्व सदस्य, जिला पंचायत के वर्तमान या पूर्व अध्यक्ष और किसी भी नगर निगम के वर्तमान या पूर्व महापौर इस योजना का लाभ लेने के लिए अपात्र हैं।
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