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समितियों से यूरिया गायब, किसान परेशान
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बलिया। जिले के अधिकांश सहकारी समितियों से यूरिया गायब है। किसानों को महंगे दामों पर बाजारों से यूरिया खरीदना पड़ रहा है। सोहांव ब्लॉक के गड़हांचल के किसान बड़े पैमाने पर धान की खेती करते हैं और इन दिनों यूरिया की जरूरत है। किसानों को बिहार बक्सर से यूरिया लाना पड़ता है क्योंकि क्षेत्र के समितियों पर महीनों से यूरिया नहीं मिल रहा।
खरीफ की मुख्य फसल धान के लिए मौजूदा समय में यूरिया की जरूरत है। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण धान की फसलों का बढ़ाव भी प्रभावित हुआ है। लिहाजा इसके लिए यूरिया उर्वरक कारगर है। जिले को प्राप्त यूरिया सहकारिता विभाग की ओर से समितियों को आवंटित किया जाता है। हर साल आवंटित यूरिया समितियों को मिलता था लेकिन इस साल सहकारिता विभाग ने केवल कागजों पर ही यूरिया आवंटित कर कोरम पूरा कर लिया। अधिकांश सहकारी समितियों से यूरिया गायब है। सोहांव ब्लॉक के गड़हांचल में सुरही व उजियार में सहकारी समिति है। इन समितियों से 40 से अधिक गांवों के किसान खाद-बीज आदि लेते हैं लेकिन वर्तमान में इन समितियों पर महीनों से यूरिया उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा क्षेत्र के प्राइवेट उर्वरक की दुकान को ई-पॉस से वितरण में लापरवाही के कारण कृषि विभाग ने बंद करा दिया है। इसके चलते गड़हांचल के किसान या तो 25 किमी दूर गाजीपुर के मुहम्म्दाबाद से या फिर बिहार के बक्सर से यूरिया लाने को मजबूर हैं जो काफी महंगा साबित हो रहा है।
जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है और सभी समितियों को यूरिया का आवंटन भी किया गया है। अगर किसी समिति पर नहीं पहुंचा है तो इसकी पड़ताल कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - विकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी, बलिया
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खरीफ की मुख्य फसल धान के लिए मौजूदा समय में यूरिया की जरूरत है। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण धान की फसलों का बढ़ाव भी प्रभावित हुआ है। लिहाजा इसके लिए यूरिया उर्वरक कारगर है। जिले को प्राप्त यूरिया सहकारिता विभाग की ओर से समितियों को आवंटित किया जाता है। हर साल आवंटित यूरिया समितियों को मिलता था लेकिन इस साल सहकारिता विभाग ने केवल कागजों पर ही यूरिया आवंटित कर कोरम पूरा कर लिया। अधिकांश सहकारी समितियों से यूरिया गायब है। सोहांव ब्लॉक के गड़हांचल में सुरही व उजियार में सहकारी समिति है। इन समितियों से 40 से अधिक गांवों के किसान खाद-बीज आदि लेते हैं लेकिन वर्तमान में इन समितियों पर महीनों से यूरिया उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा क्षेत्र के प्राइवेट उर्वरक की दुकान को ई-पॉस से वितरण में लापरवाही के कारण कृषि विभाग ने बंद करा दिया है। इसके चलते गड़हांचल के किसान या तो 25 किमी दूर गाजीपुर के मुहम्म्दाबाद से या फिर बिहार के बक्सर से यूरिया लाने को मजबूर हैं जो काफी महंगा साबित हो रहा है।
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जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है और सभी समितियों को यूरिया का आवंटन भी किया गया है। अगर किसी समिति पर नहीं पहुंचा है तो इसकी पड़ताल कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - विकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी, बलिया
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