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Ballia News: दोनों पैर गंवाने के बाद भी हौसला छत्तीसगढ़ से पहुंचे बालखंडी धाम
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बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में चल रहे शिवपुराण की कथा सुनने के लिए छत्तीसगढ़ से आए दिव्यांग
बांसडीहरोड। आस्था और दृढ़ संकल्प की मिसाल पेश करते हुए छत्तीसगढ़ निवासी दिव्यांग लोकनाथ देशमुख बाबा बालखंडी नाथ धाम दिउली में रुद्र महायज्ञ में शिव महापुराण कथा सुनने पहुंचे। उनके दोनों पैर नहीं हैं। उनकी आस्था देखकर श्रद्धालु भावुक हो गए।
लोकनाथ देशमुख ने बताया कि एक रेल दुर्घटना में उनके दोनों पैर कट गए थे। शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद भगवान शिव और कथा के प्रति उनकी आस्था कम नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बाबा बालखंडी नाथ की कृपा और भगवान शिव के आशीर्वाद से ही वह यहां तक पहुंच सके हैं।
अपनी बैरिंग युक्त विशेष गाड़ी के सहारे दोनों हाथों से जमीन पर धक्का देकर कथा पंडाल तक पहुंचे। लोकनाथ देशमुख ने बताया कि वह छत्तीसगढ़ के निवासी हैं और 80 प्रतिशत दिव्यांग होने का प्रमाण पत्र भी उनके पास है। इसके बावजूद अब तक उन्हें इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध नहीं हो सका है।
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें मात्र 200 रुपये मासिक पेंशन मिलती है, जिससे जीवनयापन में काफी कठिनाई होती है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उम्मीद जताते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि सरकार या समाजसेवी संगठन उनकी मदद करेंगे और उन्हें एक इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्हें आशा है कि कथा सुनने आए किसी जनप्रतिनिधि, मंत्री या सामाजिक कार्यकर्ता का ध्यान उनकी ओर जाएगा और उन्हें इलेक्ट्रिक वाहन दिलाने में मदद मिलेगी।
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लोकनाथ देशमुख ने बताया कि एक रेल दुर्घटना में उनके दोनों पैर कट गए थे। शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद भगवान शिव और कथा के प्रति उनकी आस्था कम नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बाबा बालखंडी नाथ की कृपा और भगवान शिव के आशीर्वाद से ही वह यहां तक पहुंच सके हैं।
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अपनी बैरिंग युक्त विशेष गाड़ी के सहारे दोनों हाथों से जमीन पर धक्का देकर कथा पंडाल तक पहुंचे। लोकनाथ देशमुख ने बताया कि वह छत्तीसगढ़ के निवासी हैं और 80 प्रतिशत दिव्यांग होने का प्रमाण पत्र भी उनके पास है। इसके बावजूद अब तक उन्हें इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध नहीं हो सका है।
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें मात्र 200 रुपये मासिक पेंशन मिलती है, जिससे जीवनयापन में काफी कठिनाई होती है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उम्मीद जताते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि सरकार या समाजसेवी संगठन उनकी मदद करेंगे और उन्हें एक इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्हें आशा है कि कथा सुनने आए किसी जनप्रतिनिधि, मंत्री या सामाजिक कार्यकर्ता का ध्यान उनकी ओर जाएगा और उन्हें इलेक्ट्रिक वाहन दिलाने में मदद मिलेगी।