फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Football rules break 90-minute matches concluded in 30 minutes no arrangements for players in ballia

फुटबॉल के नियमों में खेल: 90 मिनट के मुकाबले, 30 मिनट में खत्म; खिलाड़ियों के रहने-खाने की व्यवस्था नहीं

Thu, 03 Sep 2026 12:47 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Thu, 03 Sep 2026 12:47 PM IST
सार

बलिया जिले में फुटबॉल के नियमों में खेल चल रहा है। यहां 90 मिनट की जगह 30 मिनट में मुकाबले खत्म हो जा रहे हैं। वहीं खिलाड़ियों के रहने और खाने के लिए भी कोई इंतजाम नहीं है। 

विज्ञापन
Football rules break 90-minute matches concluded in 30 minutes no arrangements for players in ballia
टीडी कॉलेज चौराहे के समीप होटल पर खाने पहुंचे फुटबॉल मैच खेलने के लिए अन्य जिलों से आए खिलाड़ी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रदेशीय स्कूली फुटबॉल प्रतियोगिता में दुर्व्यवस्था सामने आ रही है। मंगलवार की रात कुंवर सिंह चौराहे पर भोजन के लिए खिलाड़ी भटकते रहे। ऐसी बातें सामने आ रही हैं कि 30 अगस्त से 3 सितंबर तक होने वाली प्रतियोगिता में जहां स्तर विहीन आवास और खेल मैदान पर खिलाड़ियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। वहीं अब मैच टाइमिंग ने खिलाड़ियों का मनोबल तोड़ दिया है।

विज्ञापन


प्रदेशीय स्कूली फुटबॉल प्रतियोगिता में आयोजकों द्वारा मुकाबलों का समय 30 मिनट कर दिया गया है जबकि फुटबॉल मैच की टाइमिंग 90 मिनट की होती है। 45- 45 मिनट के दो हॉफ में होने वाले मैच 15-15 मिनट के दो हॉफ में हो रहे हैं। 
विज्ञापन


खिलाड़ियों का कहना है कि कम समय के मैच में अच्छी टीमें भी बाहर हो सकती हैं। यदि आयोजन समिति द्वारा पर्याप्त खेल मैदान तैयार कराए गए होते तो मैच की टाइमिंग कम नहीं करनी पड़ती।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
क्रीड़ा संस्थान द्वारा प्रतियोगिता के पर्यवेक्षक नियुक्त लईक खान से प्रशिक्षकों एवं खिलाड़ियों ने गुहार लगाई तो उन्होंने ने भी इस पर कोई कदम नहीं उठाया। टाउन पॉलिटेक्निक और टाउन डिग्री कॉलेज के फुटबॉल मैदान पर जगह-जगह गड्ढे हैं, जिससे खिलाड़ियों को चोट लग सकती है।

बजट बढ़ा लेकिन सुविधाओं में कमी
गत वर्ष तक प्रदेशीय प्रतियोगिता हेतु एक लाख बीस हजार रुपये की राशि शासन द्वारा भेजी जाती थी, इस वर्ष उसे लगभग तीन गुना बढ़ाते हुए साढे चार कर दिया गया है। इसके बावजूद बच्चे आवास, बिजली पानी की समस्याओं से जूझ रहे हैं। अलीगढ़ टीम को मिले कमरों में न तो दरवाजे लगे हैं न ही खिड़कियों के दरवाजे और जाली हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि न तो वे सुरक्षित हैं न ही उनके जरूरी सामान। रात भर मच्छरों और गर्मी से जूझने के बाद वे किस तरह मैच खेलेंगे यह एक बड़ी समस्या है। बता दें कि चार लाख पच्चास हजार के केवल उद्घाटन, समापन, खेल उपकरण, खेल मैदान की मरम्मत और आवास व्यवस्था करनी होती है। खिलाड़ियों के भोजन पर आने वाले खर्च का भुगतान उनके अपने मंडल से होता है।

अधिकारी बोले
सरकार की तरफ से दिए गए निर्देश के अनुसार ही खेल का आयोजन कराया जा हा है। ठहरने की सुविधाओं का ख्याल रखा गया है। स्कूल प्रबंधक को निर्देश दिए गए थे। अभी तक किसी तरह की शिकायत नहीं है। खेल की टाइमिंग का निर्णय आयोजन समिति की तरफ से लिया जाता है। -मनोज कुमार मिश्रा, डीआईओएस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed