फुटबॉल के नियमों में खेल: 90 मिनट के मुकाबले, 30 मिनट में खत्म; खिलाड़ियों के रहने-खाने की व्यवस्था नहीं
बलिया जिले में फुटबॉल के नियमों में खेल चल रहा है। यहां 90 मिनट की जगह 30 मिनट में मुकाबले खत्म हो जा रहे हैं। वहीं खिलाड़ियों के रहने और खाने के लिए भी कोई इंतजाम नहीं है।
विस्तार
वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रदेशीय स्कूली फुटबॉल प्रतियोगिता में दुर्व्यवस्था सामने आ रही है। मंगलवार की रात कुंवर सिंह चौराहे पर भोजन के लिए खिलाड़ी भटकते रहे। ऐसी बातें सामने आ रही हैं कि 30 अगस्त से 3 सितंबर तक होने वाली प्रतियोगिता में जहां स्तर विहीन आवास और खेल मैदान पर खिलाड़ियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। वहीं अब मैच टाइमिंग ने खिलाड़ियों का मनोबल तोड़ दिया है।
प्रदेशीय स्कूली फुटबॉल प्रतियोगिता में आयोजकों द्वारा मुकाबलों का समय 30 मिनट कर दिया गया है जबकि फुटबॉल मैच की टाइमिंग 90 मिनट की होती है। 45- 45 मिनट के दो हॉफ में होने वाले मैच 15-15 मिनट के दो हॉफ में हो रहे हैं।
खिलाड़ियों का कहना है कि कम समय के मैच में अच्छी टीमें भी बाहर हो सकती हैं। यदि आयोजन समिति द्वारा पर्याप्त खेल मैदान तैयार कराए गए होते तो मैच की टाइमिंग कम नहीं करनी पड़ती।
क्रीड़ा संस्थान द्वारा प्रतियोगिता के पर्यवेक्षक नियुक्त लईक खान से प्रशिक्षकों एवं खिलाड़ियों ने गुहार लगाई तो उन्होंने ने भी इस पर कोई कदम नहीं उठाया। टाउन पॉलिटेक्निक और टाउन डिग्री कॉलेज के फुटबॉल मैदान पर जगह-जगह गड्ढे हैं, जिससे खिलाड़ियों को चोट लग सकती है।
बजट बढ़ा लेकिन सुविधाओं में कमी
गत वर्ष तक प्रदेशीय प्रतियोगिता हेतु एक लाख बीस हजार रुपये की राशि शासन द्वारा भेजी जाती थी, इस वर्ष उसे लगभग तीन गुना बढ़ाते हुए साढे चार कर दिया गया है। इसके बावजूद बच्चे आवास, बिजली पानी की समस्याओं से जूझ रहे हैं। अलीगढ़ टीम को मिले कमरों में न तो दरवाजे लगे हैं न ही खिड़कियों के दरवाजे और जाली हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि न तो वे सुरक्षित हैं न ही उनके जरूरी सामान। रात भर मच्छरों और गर्मी से जूझने के बाद वे किस तरह मैच खेलेंगे यह एक बड़ी समस्या है। बता दें कि चार लाख पच्चास हजार के केवल उद्घाटन, समापन, खेल उपकरण, खेल मैदान की मरम्मत और आवास व्यवस्था करनी होती है। खिलाड़ियों के भोजन पर आने वाले खर्च का भुगतान उनके अपने मंडल से होता है।
अधिकारी बोले
सरकार की तरफ से दिए गए निर्देश के अनुसार ही खेल का आयोजन कराया जा हा है। ठहरने की सुविधाओं का ख्याल रखा गया है। स्कूल प्रबंधक को निर्देश दिए गए थे। अभी तक किसी तरह की शिकायत नहीं है। खेल की टाइमिंग का निर्णय आयोजन समिति की तरफ से लिया जाता है। -मनोज कुमार मिश्रा, डीआईओएस