{"_id":"580776c84f1c1bf36e70349b","slug":"udghatan-se-pahle-hi-tutne-laga-pul-ka-aproch","type":"story","status":"publish","title_hn":"उद्घाटन से पहले ही टूटने लगा पुल का एप्रोच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उद्घाटन से पहले ही टूटने लगा पुल का एप्रोच
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 19 Oct 2016 07:06 PM IST
विज्ञापन
ओवरब्रिज में आई दरार
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दहताल पर डूही मूसी गांव के सामने कोडर क्षेत्र के गांव को जोड़ने के लिए करोड़ों की लागत से पुल और उसका एप्रोच तैयार किया गया है। लेकिन पुल के उद्घाटन से पहले ही एप्रोच टूटना शुरू हो गया है। जिससे इस पुल से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। इसको लेकर क्षेत्र के लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी है।
वर्ष 2006 में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने क्षेत्र के लोगों की मांग पर दहताल के मंगलपूरा घाट पर पुल की मांग की थी, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो। क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को देखते हुए दहताल स्थित मोती झील के पास पुल के लिए धन स्वीकृत कर दिया।
पुल और एप्रोच बनकर तैयार हो गया है। लेकिन उद्घाटन से पहले ही पुल का एप्रोच टूटना शुरू हो गया है। जिसके चलते इस पुल से गुजरने वालों के लिए बराबर खतरे की संभावना बनी रहती है। विभागीय सूत्रों की माने तो 2006 में पुल और एप्रोच की लागत करीब 10 करोड़ रुपये निर्धारित थी। पुल बनाने की जिम्मेदारी सेतु निगम को दी गई थी।
विज्ञापन
पुल और एप्रोच तैयार होते-होते इसकी लागत करीब 20 करोड़ रुपये हो गई। लेकिन उद्घाटन से पहले ही पुल का एप्रोच जवाब देने लगा है। क्षेत्रीय लोगों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया है। साथ ही टूटे हुए एप्रोच को दुरुस्त कर पुल के उद्घाटन की मांग की है। इस बाबत परियोजना प्रबंधक सेतु निगम एके तिवारी ने बताया कि पुल के एप्रोच का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने कराया है, हो सकता है बरसात के कारण मिट्टी धंसने से एप्रोच टूट गया हो। जल्द ही टूटे एप्रोच को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
वर्ष 2006 में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने क्षेत्र के लोगों की मांग पर दहताल के मंगलपूरा घाट पर पुल की मांग की थी, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो। क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को देखते हुए दहताल स्थित मोती झील के पास पुल के लिए धन स्वीकृत कर दिया।
विज्ञापन
पुल और एप्रोच बनकर तैयार हो गया है। लेकिन उद्घाटन से पहले ही पुल का एप्रोच टूटना शुरू हो गया है। जिसके चलते इस पुल से गुजरने वालों के लिए बराबर खतरे की संभावना बनी रहती है। विभागीय सूत्रों की माने तो 2006 में पुल और एप्रोच की लागत करीब 10 करोड़ रुपये निर्धारित थी। पुल बनाने की जिम्मेदारी सेतु निगम को दी गई थी।
विज्ञापन
पुल और एप्रोच तैयार होते-होते इसकी लागत करीब 20 करोड़ रुपये हो गई। लेकिन उद्घाटन से पहले ही पुल का एप्रोच जवाब देने लगा है। क्षेत्रीय लोगों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया है। साथ ही टूटे हुए एप्रोच को दुरुस्त कर पुल के उद्घाटन की मांग की है। इस बाबत परियोजना प्रबंधक सेतु निगम एके तिवारी ने बताया कि पुल के एप्रोच का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने कराया है, हो सकता है बरसात के कारण मिट्टी धंसने से एप्रोच टूट गया हो। जल्द ही टूटे एप्रोच को दुरुस्त कर दिया जाएगा।