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तिरंगे में लिपटे अरमान: ट्रेनिंग के दौरान घायल बलिया के लाल का निधन

Mon, 11 May 2026 01:38 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 01:38 AM IST
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Tricolour-clad dream: Ballia boy injured during training passes away
नासिक में आर्मी ट्रेनिंग के दौरान घायल मलप हरसेनपुर घोघरा गांव के युवा सैनिक मृतक कृष्णा चौहान।
इंदरपुर। वतन की रक्षा का संकल्प लेकर सेना में भर्ती हुए जिले के मलपहरसेनपुर घोघरा गांव के कृष्णा चौहान की ट्रेनिंग पूरी करने से पहले ही असमय मौत हो गई। शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। तिरंगे में लिपटा हुआ शव गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया।
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पुणे में सैन्य प्रशिक्षण के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह पिछले एक महीने से वाराणसी के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। 6 दिन बाद ही उनकी ट्रेनिंग पूरी होनी थी। कृष्णा चौहान 21 फरवरी को पुणे (महाराष्ट्र) में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) में भर्ती हुए थे। वहीं ट्रेनिंग चल रही थी। कृष्णा चौहान पुणे में अपनी आर्मी ट्रेनिंग के अंतिम पड़ाव पर थे। लगभग एक महीने पहले स्विमिंग ट्रेनिंग के दौरान उनके सिर (ब्रेन) में गंभीर चोट लग गई थी। हादसे के बाद उन्हें वाराणसी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह आईसीयू में में थे। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
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सिर्फ 6 दिन का फासला और टूट गए परिवार के सपने
कृष्णा की मौत से सबसे गहरा आघात उनके परिवार को लगा है। उनके पिता रामनाथ चौहान, जो गांव में टेंट का व्यवसाय कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं, ने बड़ी उम्मीदों के साथ बेटे को सेना में भेजा था। कृष्णा की ट्रेनिंग पूरी होने में महज 6 दिन शेष रह गए थे। परिवार को उम्मीद थी कि ट्रेनिंग के बाद कृष्णा घर आएंगे और परिवार की आर्थिक तंगी दूर होगी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
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गमगीन माहौल में अंतिम विदाई
शुक्रवार को जब पिता रामनाथ चौहान बेटे का शव लेकर गांव पहुंचे। मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर नगरा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बलिया भेज दिया। गांव के हर घर में चूल्हा नहीं जला और ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी।
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