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एनएच की मरम्मत की मांग को लेकर छह घंटे रोका आवागमन
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एनएच 31 बैरिया मांझी मार्ग के जाम करते लोग।
- फोटो : BALLIA
जयप्रकाशनगर। राष्ट्रीय राजमार्ग 31 बैरिया मांझी मार्ग के मरम्मत के लिए क्षेत्र के युवा कई साल से आंदोलन जला रहे हैं। सोमवार को सुबह 9 बजे क्षेत्र के नौजवानों ने बैरिया मांझी मार्ग पर स्थित जिन्न बाबा स्थान के सामने चक्का जाम कर दिया। करीब छह घंटे एनएच पर आवागमन पूर्ण रूप से बंद रहा। मौके पर पहुंचे एसडीएम बैरिया अशोक चौधरी के आश्वासन पर तीन बजे समाप्त हुआ।
सालों से बदहाल एनएच 31 बैरिया मांझी मार्ग के मरम्मत की बार बार मांग करने के बावजूद भी जब मरम्मत नहीं हो सका तो पुन: क्षेत्र के समाजसेवी दुर्गविजय सिंह झलन के नेतृत्व में सैकड़ों युवा सोमवार की सुबह 9 बजे सड़क पर उतर आए। एनएच पर स्थित जिन्न बाबा स्थान के समीप चक्का जाम करते हुए बैठ कर नारेबाजी करना शुरू कर दिया और सड़क के धीमी गति से हो रही मरम्मत को तेज गति से करते हुए एक सप्ताह के भीतर एनएच के साथ साथ जयप्रभा सेतु की मरम्मत की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंचे उपजिलाधिकारी बैरिया अशोक चौधरी के समझाने बुझाने पर जामकर्ता उनकी बात तो मान गए और लगा कि जाम समाप्त हो जाएगा लेकिन उपजिलाधिकारी के द्वारा लिखित आश्वासन न मिलने पर जामकर्ताओं ने जिलाधिकारी को मौके पर आने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दिया। बाद में एसएचओ बैरिया संजय कुमार त्रिपाठी जामकर्ताओं को समझाते हुए उपजिलाधिकारी से पुन: बात कर उन्हें लिखित आश्वासन देने की बात कही तब उपजिलाधिकारी द्वारा जिलाधिकारी बलिया से बात कर जामकर्ताओं को पांच दिसंबर तक सड़क मरम्मत कार्य पूरा करवा देने का लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद जाम पांच घंटा 50 मिनट समाप्त हुआ। दुर्गविजय सिंह झलन ने एसडीएम को बताया कि यदि पांच दिसंबर तक सड़क के मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हुआ तो छह दिसंबर को तीन बजे शाम इसी स्थान पर वे आत्मदाह करेंगे। इस मौंके पर बन्धु सिंह, गुड्डू सिंह, नन्दजी, राकेश सिंह, राजीव सिंह, उमेश सिंह, सूरज सिंह, अभिनव, अनिल यादव, चुनमुन, लालजी आदि रहे।
मार्ग की मरम्मत को लेकर कई बार हो चुका है आंदोलन
जयप्रकाश नगर। समाजसेवी दुर्गविजय सिंह झलन के नेतृत्व में 12 जुलाई 2018 को समाजवाद के पुरोधा जयप्रकाशनारायन के पैतृक गांव जयप्रकाशनगर से पद यात्रा कर 14 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच मरम्मत के लिए ज्ञापन दिया था। जिलाधिकारी द्वारा मरम्मत के लिए आश्वस्त भी किया गया था लेकिन जब छह माह बीतने के बावजूद भी रोड का मरम्मत नहीं हुआ। फिर क्षेत्र के समाजसेवी हरिजी सिंह के नेतृत्व में एन एच 31 पर स्थित राघव सिंह के डेरा के सामने बीते 22 जनवरी को चक्का जाम किया गया। क्षेत्रीय विधायक सुरेन्द्र सिंह के आश्वासन पर चक्का जाम समाप्त हुआ। लेकिन सड़क का मरम्मत नही हो सका। पुन: मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ तो बीते 6 जून को धरना स्थल के सामने रोड पर बने गढ्ढे में बैठकर चक्का जाम किया गया। जाम करने के करीब बारह दिन बाद से मरम्मत का कार्य शुरू हुआ जो आज तक पूरा नहीं हो सका।
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बरातियों और स्कूली को हुई परेशानी
जयप्रकाश नगर। एन एच31 के मरम्मत कार्य को लेकर हुए जाम के दौरान कई जनपदों के बारातियों की बसें फंसी हुई थी। चक्का जाम के दौरान स्कूली बसों के फंस जाने के कारण बच्चों को वापस घर आने में परेशानी का सामना करना पड़ा। गाजीपुर जनपद के रौजा बाजार निवासी रामाशंकर प्रसाद के लड़के की बारात सारण जनपद के रिविलगंज बाजार गई थी जो वापस होते समय जाम में फंस गई। बस में सवार रवीना देवी, स्वाति देवी, रमावती देवी आदि ने बताया कि हम लोग एक वर्ष में दूसरी बार इधर आए और इसी मार्ग की मरम्मत को लेकर जामकर्ताओं के किए गए जाम में फंस गए। यहां के नेता कैसे हैं। सड़क मरम्मत को लेकर हुए जाम के दौरान बाइक सवारों द्वारा किसानों के बोए हुए खेतो में रास्ता बनाकर जाना शुरु कर दिया। इसको लेकर पूरे दिन तू तू मैं मैं होती रही।
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सालों से बदहाल एनएच 31 बैरिया मांझी मार्ग के मरम्मत की बार बार मांग करने के बावजूद भी जब मरम्मत नहीं हो सका तो पुन: क्षेत्र के समाजसेवी दुर्गविजय सिंह झलन के नेतृत्व में सैकड़ों युवा सोमवार की सुबह 9 बजे सड़क पर उतर आए। एनएच पर स्थित जिन्न बाबा स्थान के समीप चक्का जाम करते हुए बैठ कर नारेबाजी करना शुरू कर दिया और सड़क के धीमी गति से हो रही मरम्मत को तेज गति से करते हुए एक सप्ताह के भीतर एनएच के साथ साथ जयप्रभा सेतु की मरम्मत की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंचे उपजिलाधिकारी बैरिया अशोक चौधरी के समझाने बुझाने पर जामकर्ता उनकी बात तो मान गए और लगा कि जाम समाप्त हो जाएगा लेकिन उपजिलाधिकारी के द्वारा लिखित आश्वासन न मिलने पर जामकर्ताओं ने जिलाधिकारी को मौके पर आने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दिया। बाद में एसएचओ बैरिया संजय कुमार त्रिपाठी जामकर्ताओं को समझाते हुए उपजिलाधिकारी से पुन: बात कर उन्हें लिखित आश्वासन देने की बात कही तब उपजिलाधिकारी द्वारा जिलाधिकारी बलिया से बात कर जामकर्ताओं को पांच दिसंबर तक सड़क मरम्मत कार्य पूरा करवा देने का लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद जाम पांच घंटा 50 मिनट समाप्त हुआ। दुर्गविजय सिंह झलन ने एसडीएम को बताया कि यदि पांच दिसंबर तक सड़क के मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हुआ तो छह दिसंबर को तीन बजे शाम इसी स्थान पर वे आत्मदाह करेंगे। इस मौंके पर बन्धु सिंह, गुड्डू सिंह, नन्दजी, राकेश सिंह, राजीव सिंह, उमेश सिंह, सूरज सिंह, अभिनव, अनिल यादव, चुनमुन, लालजी आदि रहे।
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मार्ग की मरम्मत को लेकर कई बार हो चुका है आंदोलन
जयप्रकाश नगर। समाजसेवी दुर्गविजय सिंह झलन के नेतृत्व में 12 जुलाई 2018 को समाजवाद के पुरोधा जयप्रकाशनारायन के पैतृक गांव जयप्रकाशनगर से पद यात्रा कर 14 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच मरम्मत के लिए ज्ञापन दिया था। जिलाधिकारी द्वारा मरम्मत के लिए आश्वस्त भी किया गया था लेकिन जब छह माह बीतने के बावजूद भी रोड का मरम्मत नहीं हुआ। फिर क्षेत्र के समाजसेवी हरिजी सिंह के नेतृत्व में एन एच 31 पर स्थित राघव सिंह के डेरा के सामने बीते 22 जनवरी को चक्का जाम किया गया। क्षेत्रीय विधायक सुरेन्द्र सिंह के आश्वासन पर चक्का जाम समाप्त हुआ। लेकिन सड़क का मरम्मत नही हो सका। पुन: मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ तो बीते 6 जून को धरना स्थल के सामने रोड पर बने गढ्ढे में बैठकर चक्का जाम किया गया। जाम करने के करीब बारह दिन बाद से मरम्मत का कार्य शुरू हुआ जो आज तक पूरा नहीं हो सका।
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बरातियों और स्कूली को हुई परेशानी
जयप्रकाश नगर। एन एच31 के मरम्मत कार्य को लेकर हुए जाम के दौरान कई जनपदों के बारातियों की बसें फंसी हुई थी। चक्का जाम के दौरान स्कूली बसों के फंस जाने के कारण बच्चों को वापस घर आने में परेशानी का सामना करना पड़ा। गाजीपुर जनपद के रौजा बाजार निवासी रामाशंकर प्रसाद के लड़के की बारात सारण जनपद के रिविलगंज बाजार गई थी जो वापस होते समय जाम में फंस गई। बस में सवार रवीना देवी, स्वाति देवी, रमावती देवी आदि ने बताया कि हम लोग एक वर्ष में दूसरी बार इधर आए और इसी मार्ग की मरम्मत को लेकर जामकर्ताओं के किए गए जाम में फंस गए। यहां के नेता कैसे हैं। सड़क मरम्मत को लेकर हुए जाम के दौरान बाइक सवारों द्वारा किसानों के बोए हुए खेतो में रास्ता बनाकर जाना शुरु कर दिया। इसको लेकर पूरे दिन तू तू मैं मैं होती रही।