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कारोबारियों का धंधा पड़ा मंदा
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Sat, 19 Nov 2016 10:36 PM IST
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कारोबारियों का धंधा पड़ा मंदा
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पांच सौ और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद होने के बाद बाजार में हाहाकार मचा हुआ है। इसके चलते जिले में सभी प्रकार के कारोबार प्रभावित हुए हैं। कारोबारियों का कहना है कि जनपद में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है। कई व्यापारियों ने बाहर से सामान मंगाना बंद कर दिया है, साथ ही थोक एवं फुटकर का काम भी सीमित मात्रा में कर रहे हैं। व्यापारियों की माने तो रिटेल करीब 70 फीसदी और होलसेल में 60 फीसदी तक प्रभावित हुआ है।
जनपद में हार्डवेयर, खाद्य सामग्री, कपड़ा, दवाएं प्रतिदिन औसतन 10 करोड़ का कारोबार करती हैं। सीजन के हिसाब से इसमें घटाव-बढ़ाव होता रहता है। लेकिन जब से सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोट बंदी की घोषणा की गई है, तब से बाजार में मंदी सी छा गई है। बड़े व्यापारियों के अपेक्षा छोड़े व्यापारियों का धंधा न के बराबर है। होलसेल का व्यापार ज्यादातर क्रेडिट पर हो रहा है।
नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने बताया नोटबंदी के आदेश के बाद प्रभावित हुआ कारोबार अब धीरे-धीरे यह पटरी पर आने लगा है। उन्होंने बताया कि बाजार में बिना लाइसेंस के कारोबार करने वाले दूकानदारों को अधिक परेशानी हो रही है, उनके खरीद बिक्री का कोई लेखा जोखा प्रत्यक्ष रूप से नहीं रहता है। बताया कि वजह है कि बिना लाइसेंस के व्यवसाय करने वाले दूकानदार आनन-फानन में टिन नंबर लेना शुरू कर दिए हैं। टिन नंबर लेने के बाद उन्हें व्यापार करने में काफी सहूलियत मिलेगी।
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जनपद में हार्डवेयर, खाद्य सामग्री, कपड़ा, दवाएं प्रतिदिन औसतन 10 करोड़ का कारोबार करती हैं। सीजन के हिसाब से इसमें घटाव-बढ़ाव होता रहता है। लेकिन जब से सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोट बंदी की घोषणा की गई है, तब से बाजार में मंदी सी छा गई है। बड़े व्यापारियों के अपेक्षा छोड़े व्यापारियों का धंधा न के बराबर है। होलसेल का व्यापार ज्यादातर क्रेडिट पर हो रहा है।
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नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने बताया नोटबंदी के आदेश के बाद प्रभावित हुआ कारोबार अब धीरे-धीरे यह पटरी पर आने लगा है। उन्होंने बताया कि बाजार में बिना लाइसेंस के कारोबार करने वाले दूकानदारों को अधिक परेशानी हो रही है, उनके खरीद बिक्री का कोई लेखा जोखा प्रत्यक्ष रूप से नहीं रहता है। बताया कि वजह है कि बिना लाइसेंस के व्यवसाय करने वाले दूकानदार आनन-फानन में टिन नंबर लेना शुरू कर दिए हैं। टिन नंबर लेने के बाद उन्हें व्यापार करने में काफी सहूलियत मिलेगी।
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