बलियाः अवैध रूप से रेलवे ई-टिकट बनाने वाले तीन गिरफ्तार, प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर का करते थे उपयोग
आरपीएफ प्रभारी एके सिंह ने बताया कि पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा फर्जी नाम पते से आईआरसीटीसी की पर्सनल यूजर आईडी बनाकर उससे ई-टिकट बनाया जाता था।
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बलिया में अवैध ई-टिकट बनाने वाले दो स्थानों पर छापामारी कर कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया। तीनों का चालान कर दिया गया। आरपीएफ प्रभारी अजय कुमार सिंह और निरीक्षक सीआईबी (वाराणसी) अभय कुमार राय ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। अभियुक्तों पर फर्जी व गलत नाम पते से आईआरसीटीसी की पर्सनल यूजर आईडी बनाकर प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर का उपयोग कर ई-टिकट बनाकर अवैध कारोबार करने का आरोप है।
संयुक्त टीम ने सबसे पहले सूर्यपुरा बलिया स्थित साइबर कैफे व सहज जन सेवा केंद्र पर छापामारी कर दुकान के संचालक रमेश कुमार चौहान निवासी देवापुर थाना मनियर को गिरफ्तार किया। वहीं आईआरसीटीसी की पर्सनल आईडी पर बनाए गए सात ई-टिकट जिसकी कीमत 8107 रुपये है, व एक लैपटॉप, एक प्रिंटर और दो मोबाइल तथा 20,320 रुपये नगदी बरामद किया।
इसके बाद लट्ठुडीह जनपद गाजीपुर स्थित बिरजू सॉफ्टवेयर सोलुशन नामक दुकान के संचालक बिरजू चौहान निवासी चंद्रवार दुगौली थाना नगरा जिला बलिया एवं उसके सहयोगी अमित चौहान निवासी सूर्यपुरा रामपुर थाना मनियर, जिला बलिया को 16 फर्जी पर्सनल आईडी (डेटा सॉफ्टवेयर के माध्यम से तैयार)तथा उस पर बनाये गए कुल सात सामान्य व तत्काल ई-टिकट जिसकी कीमत14,258 रुपये है को अवैध रूप से बेचने के जुर्म में गिरफ्तार किया। इसके अलावा एक लैपटॉप व दो मोबाइल जब्त किया।
आरपीएफ प्रभारी एके सिंह ने बताया कि पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा फर्जी नाम पते से आईआरसीटीसी की पर्सनल यूजर आईडी बनाकर उससे ई-टिकट बनाया जाता था। ग्राहकों से 500 से 1000 रुपये प्रति टिकट लाभ लेकर बेचा जाता है।
उनके द्वारा रेलवे के तत्काल व सामान्य ई-टिकट के लिए प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर रेड मिर्ची व रेडबुल का पहले तथा वर्तमान में डेल्टा का इस्तेमाल करके बनाया जाना स्वीकार किया। अभियुक्तगण आईआरसीटीसी के अधिकृत एजेंट भी हैं।