ड्राई प्रदेश बिहार के यूपी से सटे जिले हर साल गटक रहे करोड़ों की शराब, पूर्वांचल का ये जिला है शराब तस्करी का सेफ जोन
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बिहार के सीएम नितीश कुमार ने प्रदेश में शराब को प्रतिबंधित किया और काफी कड़े कानून बनाए। उन्होंने देश में घूम-घूम कर इसका प्रचार भी किया, लेकिन हकीकत ये है कि उनके प्रदेश के कुछ जिलों में प्रतिवर्ष करोड़ों की शराब गटकी जा रही है। ये शराब यूपी के साथ कई अन्य राज्यों से भी बिहार पहुंच रही है और बिहार में पहुंचाने का सबसे बड़ा अड्डा इस समय यूपी के पूर्वी छोर पर बसा बलिया बना हुआ है।
यहां से सड़के मार्ग के साथ ही नावों से भी शराब धड़ल्ले से बिहार के कई जिलों में पहुंचाई जा रही है। इन जिलों में सिवान, छपरा, भोजपुर, बक्सर, आरा आदि के नाम प्रमुख हैं। हालांकि बीच-बीच में पुलिस सक्रिय होती है और शराब पकड़ी भी जाती है, लेकिन अक्सर होता यही है कि पुलिस के पहुंचने से पहले तस्कर फरार हो जाते हैं।
पकड़े वही जाते हैं जिन पर किसी बड़े आदमी का हाथ नहीं होता और इसके बाद भी वे शराब तस्करी जैसे धंधे में लग जाते हैं। अब न बड़े आदमी को चढ़ाव चढ़ा न पुलिस को हिस्सा मिला तो आखिर शराब बिहार जा भी कैसे सकती है। ऐसे ही दो तस्कर शनिवार को बैरिया पुलिस के हाथ लग गए।
बैरिया पुलिस ने शनिवार को भोर में चांददीयर चौराहे पर एक ट्रक में कीटनाशक दवाओं के बीच में छिपाकर बिहार ले जाई जा रही 45 पेटी हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब पकड़ लिया। पुलिस ने दो शराब तस्करों को भी हिरासत में ले लिया और संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया।
बताया जाता है कि शनिवार की भोर में बैरिया पुलिस द्वारा चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था कि एसएचओ संजय त्रिपाठी को सूचना मिली कि एक हरियाणा नंबर की ट्रक में कीटनाशक दवाओं के साथ हरियाणा निर्मित शराब भी बिहार ले जाई जा रही है। एसएचओ संजय त्रिपाठी चांददीयर चौराहे पर चेकिंग कर रहे पुलिसकर्मियों को सूचना देते हुए मौके पर पहुंच गए।
तब तक हरियाणा नंबर की ट्रक पहुंची जिसे पुलिस ने रोक कर देखा तो उसमें कीटनाशक भरा पड़ा था। काफी कीटनाशक उतरवाने पर बीच में रखा 45 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस ने की इसकी कीमत साढ़े तीन लाख बताई है। इसके अलावा बोरी, प्लास्टिक बाल्टी व पेटी में 1215 शीशी कीटनाशक बरामद हुआ।
ट्रक पर सवार चालक बिहार छपरा के फुरसतपुर निवासी अनिल राय व ट्रक में बैठे छपरा के ही जतुआ निवासी हुकुम कुमार यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने ट्रक को सीज करते हुए कीटनाशक व अवैध शराब को कब्जे में लेकर दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम व धारा 420 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
क्षेत्र में पकड़ी गई शराब का विवरण
बैरिया थाना क्षेत्र के जयप्रभा सेतु के समीप बिहार जाते समय 04 जुलाई 17 को एक ट्रक पर करीब 40 लाख की शराब बरामद हुई। 23 जुलाई 17 चांददीयर चौकी पर सघन जांच के दौरान बिहार जाते समय एक बोलेरो पर करीब 3 लाख की शराब बरामद हुई। 14 सितंबर 17 को दोकटी थाना क्षेत्र के बीएसटी बांध पर बिहार जाते समय एक पिकप पर करीब डेढ़ लाख की शराब बरामद हुई।
16 सितंबर 17 को बैरिया थाना क्षेत्र के बलराम सिंह के डेरा के समीप कटरे से करीब 20 लाख की शराब बरामद हुई। 12 फरवरी 18 को दोकटी थाना क्षेत्र के बाजिदपुर पुलिया के नीचे रखी करीब 10 लाख रुपये की शराब बरामद हुई। इसके पूर्व में भी दया छपरा, दोकटी, मठ योगेन्द्र गिरी बैरिया कस्बा, रानीगंज बाजार के समीप करोड़ों की शराब बरामद की जा चुकी है।
आठ अगस्त 2020 को छह लाख, 10 जून को डेढ़ लाख, 25 जनवरी को चार लाख की शराब दोकटी पुलिस द्वारा पकड़ी गई। वहीं बाइक सवार तो अन्य छोटे तस्करों द्वारा करीब दोनों थानों को मिलाकर दस लाख रुपये की शराब पकड़ी गई होगी।
ये तो वह आंकड़ा है जो शराब पकड़ ली गई, इसमें अधिकतर मामलों में तस्करों द्वारा जानबूझकर भी शराब पकड़वाई जाती है, ताकि पुलिस भी कार्य करती नजर आती रहे। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां बार्डर एरिया में शराब तस्करी कितना बड़ा अवैध व्यवसाय बन गया है।