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गंगा लाल निशान के पार, गांवों की ओर चला पानी
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लालगंज क्षेत्र के बहुआरा मौजे के समीप उपजाऊ भूमि को काटती गंगा नदी की लहरें।
- फोटो : BALLIA
रामगढ़/मझौवां। गंगा का जलस्तर लाल निशान पारकर मध्यम फ्लड लेबल की ओर बढ़ चला है। इस कारण क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बनने लगी है। शनिवार को ग्राम पंचायत गोपालपुर के ग्राम उदयीछपरा, दुबे छपरा गोपालपुर में पूर्व में कराए गए कटानरोधी कार्य के नीचे से गंगा का पानी अनुसूचित बस्ती की ओर जाना शुरू हो गया है। बस्ती के लोग पलायन को मजबूर होने लगे हैं। गांव में पानी फैलने की सूचना पर उपजिलाधिकारी बैरिया आत्रेय मिश्रा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का दिशा-निर्देश दिया गया।
गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने के कारण गंगा का पानी तटीय इलाके के निचले हिस्से में फैलने से उदई छपरा अनुसूचित बस्ती में भगदड़ मच गई है। लोग अपने घरों से सामान निकालकर एनएच 31 की ओर रुख कर दिए हैं। गांव के सुनील उपाध्याय, बैजनाथ सिंह, परशुराम, जयप्रकाश, कलावती, जयप्रकाश राम, संतोष राम, धनजी राम, सोना देवी आदि लोग अपना सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। दुबे छपरा में हुए कटानरोधी कार्य के बगल में गंगा की बैंक रोल धारा का दबाव होने से किनारे पर कटान प्रारंभ हो गया है। हालांकि बाढ़ खंड के लोग उक्त स्थान पर मिट्टी से भरी बोरी डालकर कटान को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिल सकी। रुक-रुक हो रही वर्षा के कारण भी कटान पीडि़तों की समस्या कम होने के बजाय बढ़ने लगी है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार, गंगा का जलस्तर शनिवार की दोपहर 12 बजे 58.140 मीटर दर्ज की गई। साथ ही प्रति घंटा दो सेंटीमीटर का बढ़ाव बना हुआ है। रामगढ़ उप जिलाधिकारी बैरिया आत्रेय मिश्र ने कटान पीडि़त ग्राम दुबे छपरा का अवलोकन कर स्थिति का जायजा लिया। बाढ़ चौकी स्थापित करने का निर्देश दिया।
गोपालपुर में घुसा पानी
बैरिया/दयाछपरा। शनिवार सुबह से गोपालपुर गांव में गंगा के बाढ़ का पानी परमहंस कुम्हार के घर के पास से घुसने लगा है। गांव में अफरातफरी का माहौल है। निचले हिस्से के दहारी राम, भिखारी राम, दशरथ राम, मोहन राम, तेजू राम, नवमी राम आदि लोग अपने परिवार और पशु के साथ दुबे छपरा एनएच-31 के किनारे सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं। गोपालपुर में पानी घुसने के साथ ही उदई छपरा, प्रसाद छपरा, आलम राय के टोला, बुधनचक, मुरली छपरा, ग्राम पंचायत जगदेवा, आंशिक टेंगरहीं आदि गांव व इन गांव के लहलहाते खेतों पर गंगा के बाढ़ का पानी फैलने की आशंका बढ़ गई है। बाढ़ का पानी बढ़ने का यही रफ्तार रहा तो अगले 24 घंटे के अंदर आधा दर्जन गांव बाढ़ से घिर जाने और खेत टापू बन जाने की आशंका ग्रामीण व्यक्त कर रहे हैं। एसडीएम बैरिया आत्रेय मिश्र ने बताया कि बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए छोटी और मझौली नावें मंगाई गई हैं।
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दो एकड़ भूमि गंगा में बही
लालगंज। बुजबुजिया ढाह और तेज बह रही पुरवइया हवा के झोंके से क्षेत्र के मुरारपट्टी और बहुआरा मौजे के दो एकड़ कृषि योग्य भूमि गंगा में समाहित हो गई। शिवपुर कपूर दियर के बिंद का डेरा और सेमरिया डेरा पुरवा की दूरी गंगा की कटान से मात्र 50 मीटर से भी कम रह जाने से ग्रामीण सहमे हुए हैं। बिंद के डेरा निवासी रामकिसुन ने बताया कि सुबह से तेज हवा के साथ छपका कटान से जहां-तहां खेत गिरने लगे, दोपहर होते होते मुरार पट्टी निवासी पुरुषोत्तम तिवारी, गुप्तेश्वर तिवारी आदि के खेतों में बुजबुजिया ढाह लग गया। इन लोगों का करीब एक एकड़ से अधिक खेत ढह गया। बहुआरा शिवपुर कपूर दियर मौजे में एक एकड़ से अधिक जमीन गंगा में समाहित हो गया।
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गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने के कारण गंगा का पानी तटीय इलाके के निचले हिस्से में फैलने से उदई छपरा अनुसूचित बस्ती में भगदड़ मच गई है। लोग अपने घरों से सामान निकालकर एनएच 31 की ओर रुख कर दिए हैं। गांव के सुनील उपाध्याय, बैजनाथ सिंह, परशुराम, जयप्रकाश, कलावती, जयप्रकाश राम, संतोष राम, धनजी राम, सोना देवी आदि लोग अपना सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। दुबे छपरा में हुए कटानरोधी कार्य के बगल में गंगा की बैंक रोल धारा का दबाव होने से किनारे पर कटान प्रारंभ हो गया है। हालांकि बाढ़ खंड के लोग उक्त स्थान पर मिट्टी से भरी बोरी डालकर कटान को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिल सकी। रुक-रुक हो रही वर्षा के कारण भी कटान पीडि़तों की समस्या कम होने के बजाय बढ़ने लगी है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार, गंगा का जलस्तर शनिवार की दोपहर 12 बजे 58.140 मीटर दर्ज की गई। साथ ही प्रति घंटा दो सेंटीमीटर का बढ़ाव बना हुआ है। रामगढ़ उप जिलाधिकारी बैरिया आत्रेय मिश्र ने कटान पीडि़त ग्राम दुबे छपरा का अवलोकन कर स्थिति का जायजा लिया। बाढ़ चौकी स्थापित करने का निर्देश दिया।
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गोपालपुर में घुसा पानी
बैरिया/दयाछपरा। शनिवार सुबह से गोपालपुर गांव में गंगा के बाढ़ का पानी परमहंस कुम्हार के घर के पास से घुसने लगा है। गांव में अफरातफरी का माहौल है। निचले हिस्से के दहारी राम, भिखारी राम, दशरथ राम, मोहन राम, तेजू राम, नवमी राम आदि लोग अपने परिवार और पशु के साथ दुबे छपरा एनएच-31 के किनारे सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं। गोपालपुर में पानी घुसने के साथ ही उदई छपरा, प्रसाद छपरा, आलम राय के टोला, बुधनचक, मुरली छपरा, ग्राम पंचायत जगदेवा, आंशिक टेंगरहीं आदि गांव व इन गांव के लहलहाते खेतों पर गंगा के बाढ़ का पानी फैलने की आशंका बढ़ गई है। बाढ़ का पानी बढ़ने का यही रफ्तार रहा तो अगले 24 घंटे के अंदर आधा दर्जन गांव बाढ़ से घिर जाने और खेत टापू बन जाने की आशंका ग्रामीण व्यक्त कर रहे हैं। एसडीएम बैरिया आत्रेय मिश्र ने बताया कि बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए छोटी और मझौली नावें मंगाई गई हैं।
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दो एकड़ भूमि गंगा में बही
लालगंज। बुजबुजिया ढाह और तेज बह रही पुरवइया हवा के झोंके से क्षेत्र के मुरारपट्टी और बहुआरा मौजे के दो एकड़ कृषि योग्य भूमि गंगा में समाहित हो गई। शिवपुर कपूर दियर के बिंद का डेरा और सेमरिया डेरा पुरवा की दूरी गंगा की कटान से मात्र 50 मीटर से भी कम रह जाने से ग्रामीण सहमे हुए हैं। बिंद के डेरा निवासी रामकिसुन ने बताया कि सुबह से तेज हवा के साथ छपका कटान से जहां-तहां खेत गिरने लगे, दोपहर होते होते मुरार पट्टी निवासी पुरुषोत्तम तिवारी, गुप्तेश्वर तिवारी आदि के खेतों में बुजबुजिया ढाह लग गया। इन लोगों का करीब एक एकड़ से अधिक खेत ढह गया। बहुआरा शिवपुर कपूर दियर मौजे में एक एकड़ से अधिक जमीन गंगा में समाहित हो गया।