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तेजी से उतर रहा गंगा का पानी, संक्रामक रोगों का खतरा

Tue, 17 Aug 2021 10:05 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 17 Aug 2021 10:05 PM IST
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The water of the Ganges is rapidly descending, the danger of infectious diseases
रामगढ़/लालगंज। गंगा के जलस्तर में गिरावट के चलते गांव में फैला पानी अब निकलना शुरू हो गया है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण अब तक कहीं पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं शुरू कराया गया है। एक सप्ताह से अधिक समय तक गांव में पानी जमा होने के कारण पानी से दुर्गंध उठने लगी है। ठीक यही स्थिति बंधे के उत्तर दिशा में बसे गांवों की है। वहां तरसोत की पानी से भी दुर्गंध उठना शुरू हो गया है। इससे संक्रामक बीमारी के फैलने का डर बढ़ गया है।उदासीनता के कारण लोगों के आक्रोश बना हुआ है।
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केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर मंगलवार की शाम चार बजे में 58.720 मीटर दर्ज किया गया ये अब खतरे के निशान 57.615 से 1.10 मीटर ऊपर है। प्रति घंटा दोसेंटीमीटर का घटाव बना हुआ है।गंगा का जलस्तर जैसे ही खतरे के निशान से ऊपर हुआ तो बंधे के दक्षिण दिशा में बसे दर्जनों गांव टापू में तब्दील हो गए थे। गंगा ने हाई फ्लड लेवल के करीब पहुंचकर जमकर उत्पात मचाया। गंगा की लहरें सोमवार से शांत दिख रही हैं। जलस्तर में अनवरत गिरावट का क्रम जारी है। गंगा के बाढ़ का पानी गांव में जमा होने के कारण सुघरछपरा, बनिया टोला रामगढ़, सुनार टोला जग छपरा, दुबे छपरा, उदय छपरा, गोपालपुर, प्रसाद छपरा आदि गांव से पानी निकल रहा है। जलजमाव होने के कारण सड़कों पर कीचड़ व गड्ढे के पानी से दुर्गंध आने लगी है। क्षेत्र के रिंकू गुप्ता, जवाहर सुनार, बाबूराम गुप्ता, मुनीर अहमद आदि लोगों ने कहा कि जल्द से जल्द गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाए। अव्यथा संक्रामक रोग पसरते देर नहीं लगेगी। बाढ़ के पानी में फसल आदि सड़ने से रोग फैलने का संभवानाएं बढ़ जाती है। अस्पतालों में कर्मचारियों का टोटा है। पीएचसी मुरली छपरा पर कुल 40 कर्मचारियों के सापेक्ष मात्र 12 कर्मचारी नियुक्त हैं।ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर, सहायक सोध अधिकारी, प्रतिरक्षण अधिकारी, हेल्थ शिक्षा अधिकारी, हेल्थ सुपरवाइजर, बेसिक हेल्थ वर्कर के कुल 14 पद के सापेक्ष एक भी नियुक्ति नहीं है। एएनएम के 23 पद के सापेक्ष मात्र नौ नियुक्त हैं। तीन स्टाफ नर्स के सापेक्ष एक स्टाफ नर्स है। वर्तमान में क्षेत्र के कई गांव बाढ़ से घिरे हुए थे। दर्जन भर बाढ़ चौकी बनीं, लेकिन सभी चौकियों पर स्टाफ नहीं पहुंचा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर देवनीति सिंह ने कहा कि स्टाफ की कमी के कारण हर बाढ़ चौकी पर स्वास्थ्य टीम नहीं जा पा रही थी। पदों को भरने की मांग सीएमओ से की गई है।
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