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Ballia News: गांवों को बचाने के लिए कटान पीड़ितों ने किया प्रदर्शन

Fri, 10 Oct 2025 11:03 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 10 Oct 2025 11:03 PM IST
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The victims of the floods demonstrated to save their villages.
गोपालनगर व वशिष्ठ नगर गांव के उत्तर- पश्चिम में हो रहे कटान से बचाने के लिए प्रदर्शन करते ग्राम
बैरिया। उत्तरी दियारांचल के गोपालनगर पश्चिम टोला और पास के वशिष्ठ नगर गांव के सामने सरयू नदी के तेज लहरों को देख ग्रामीणों ने शुक्रवार को कटान स्थल पर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। धरना-प्रदर्शन करने वाले तटवर्ती लोगों ने मांग की कि छह किमी की लंबाई में कटानरोधी कार्य कराके दीयरांचल के गोपालनगर, वशिष्ठ नगर, मानगढ़ और शिवाल मठिया की 50 हजार की आबादी को बचाया जाए। कटान पीड़ितों ने चेतावनी दी कि मांगों को नहीं माना गया तो हम जिलाधिकारी के पास जाएंगे। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे।
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वशिष्ठ नगर व गोपाल नगर बस्ती की तरफ सरयू नदी तेजी से कटान कर रही है। अब इन दोनों गांवों से नदी की दूरी महज 100 मीटर रह गई है जो पिछले साल एक किलोमीटर थी। प्रतिदिन पांच किलोमीटर लंबाई में और 50 मीटर चौड़ाई में सरयू नदी उपजाऊ जमीन को तेज धारा में विलीन कर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अगर कटान की गति ऐसी ही रही तो अगले एक महीने में सरयू नदी की कटान गोपाल नगर और वशिष्ठ नगर बस्ती में पहुंच जाएगी। चारों गांवों के अस्तित्व को समाप्त कर देगी। गोपालनगर गांव के प्रधान प्रतिनिधि अर्जुन यादव, पूर्व प्रधान प्रदीप यादव, सुनील यादव, रघुनाथ यादव, कृष्णा यादव, अमन यादव ने बताया कि पिछले तीन वर्ष में लगभग 500 एकड़ परवल की फसल सहित जमीन सरयू नदी में समा चुकी है। हम खेती करने वाले लोग भूमिहीन बन चुके हैं। इस साल 50 एकड़ उपजाऊ जमीन सरयू नदी में विलीन हुई है। शासन और प्रशासन की तरफ से अभी तक कटान रोकने और इन गांवों को बचाने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया है।
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पूर्व प्रधान प्रदीप यादव ने कहा कि मनियर से लेकर मांझी घाट तक सिर्फ गोपालनगर, मानगढ़, वशिष्ठ नगर, शिवाल मठिया व बकुल्हा गांव ही अभी तक कटान से बचे हुए हैं। बाकी गांव जो श्रीनगर-तुर्तिपार बंधे के बाहर बसे थे, सरयू नदी के कटान में अपने अस्तित्व को खो चुके हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से तत्काल यहां कटानरोधी बड़ी परियोजना स्वीकृत कराकर गांव को बचाने की मांग की है।
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दो मकान नदी में समाए, कई मुहाने पर
बैरिया। गोपालनगर टाड़ी में सरयू नदी उग्र है। बृहस्पतिवार की रात मुकरधन यादव और शिवजी यादव का मकान सरयू नदी में समा गया। राजनारायण यादव, भरत यादव, शिवजी यादव, बेचू यादव, रासबिहारी यादव, जगदीश यादव सहित दर्जनों लोगों के मकान कटान के मुहाने पर हैं। गांव के लोग सामान समेट कर सुरक्षित जगह जा रहे हैं। मकानों को अपने हाथों तोड़ने में लगे हैं। कटान पीड़ितों का कहना है कि अबतक प्रशासन का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है।
बिना बड़ी परियोजना नहीं बचेंगे गांव
बैरिया। गोपालनगर पश्चिम टोला को सामने हो रहे कटान का निरीक्षण करने पहुंचे बाढ़ खंड के अवर अभियंता रजनीकांत राय ने बताया कि गोपालनगर व वशिष्ठ नगर गांव के सामने कटान तेज है। इन दोनों गांवों को सरयू नदी से खतरा है। इन गांवों को बचाने के लिए बड़ी परियोजना की आवश्यकता है। छोटी परियोजना से इन गांवों को नहीं बचाया जा सकता है। कम से कम छह किलोमीटर की लंबाई में कटान रोधी कार्य हो तब वशिष्ठ नगर व गोपाल नगर गांव सहित अन्य गांव सुरक्षित हो सकते हैं।


भाजपा नेता ने की मदद
बैरिया। गोपालनगर टाड़ी गांव में कटान की सूचना पर भाजपा के वरिष्ठ नेता सूर्यभान सिंह मौके पर पहुचे। 11 कटान पीड़ितों में पांच-पांच हजार रुपये के हिसाब से सहायता राशि का वितरण किया। कटान पीड़ितों में सोलर प्लेट वितरण के साथ ही हैंडपंप लगाने के लिए 5500 रुपये दिए।
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