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Ballia News: बढ़ती गर्मी से बच्चों में बुखार उल्टी व दस्त की बढ़ी समस्या
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बलिया। गर्मी और लू के मौसम में तापमान में इजाफा होने से नवजात व बच्चों का पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है। अभिभावकों को बच्चों को लू से बचाने के लिए उनको भरपूर मात्रा में तरल पेय पदार्थ पिलाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
जिला अस्पताल के बाल रोग ओपीडी में सोमवार को 219 बच्चे इलाज कराने पहुंचे। जिसमें 40 प्रतिशत बच्चे तेज बुखार, खांसी, सीने में जकड़न के अलावा उल्टी दस्त व पेट दर्द की शिकायत वाले थे। बाल रोग चिकित्सक डॉक्टर एके उपाध्याय ने बतायाकि बदलते मौसम में बच्चों के प्रति विशेष सावधानी बरते की जरूरत है।
बच्चाें के साथ मां को भी खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सिद्धार्थ मणि दुबे ने बताया कि ओपीडी में बच्चों में तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, निर्जलीकरण की समस्या वाले ज्यादा आ रहे हैं। नवजात शिशु एवं छह महीने से कम के शिशुओं को माताएं दो-दो घंटे पर स्तनपान कराएं।
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बड़े बच्चों को तरल पेय (चावल का माढ, ओआरएस का घोल, नारियल पानी, छाछ, शिकंजी, जूस आदि) निरंतर अवधि पर पिलाते रहें। बच्चों को खाने के लिए ताजा एवं हल्का सुपाच्य भोजन व मौसमी फल खिलाए व स्वच्छ पेयजल पिलाएं। दस्त और उल्टी होने की स्थिति में बच्चों को तत्काल ओआरएस का घोल, नारियल पानी, मट्ठा-छाछ आदि देना शुरू करें। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की सलाह से ही इलाज कराएं।
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जिला अस्पताल के बाल रोग ओपीडी में सोमवार को 219 बच्चे इलाज कराने पहुंचे। जिसमें 40 प्रतिशत बच्चे तेज बुखार, खांसी, सीने में जकड़न के अलावा उल्टी दस्त व पेट दर्द की शिकायत वाले थे। बाल रोग चिकित्सक डॉक्टर एके उपाध्याय ने बतायाकि बदलते मौसम में बच्चों के प्रति विशेष सावधानी बरते की जरूरत है।
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बच्चाें के साथ मां को भी खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सिद्धार्थ मणि दुबे ने बताया कि ओपीडी में बच्चों में तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, निर्जलीकरण की समस्या वाले ज्यादा आ रहे हैं। नवजात शिशु एवं छह महीने से कम के शिशुओं को माताएं दो-दो घंटे पर स्तनपान कराएं।
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बड़े बच्चों को तरल पेय (चावल का माढ, ओआरएस का घोल, नारियल पानी, छाछ, शिकंजी, जूस आदि) निरंतर अवधि पर पिलाते रहें। बच्चों को खाने के लिए ताजा एवं हल्का सुपाच्य भोजन व मौसमी फल खिलाए व स्वच्छ पेयजल पिलाएं। दस्त और उल्टी होने की स्थिति में बच्चों को तत्काल ओआरएस का घोल, नारियल पानी, मट्ठा-छाछ आदि देना शुरू करें। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की सलाह से ही इलाज कराएं।