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हल्दीरामपुर से बेल्थरा बाजार तक तीन एकड़ जमीन कटी
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
Updated Wed, 29 Jun 2016 11:25 PM IST
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नदी की कटान ने बढ़ाई मुश्किल
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घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ ही तटवर्ती गांवों में कटान शुरू हो गया है। पिछले 48 घंटे में जलस्तर में 16 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। बेल्थरा बाजार से हल्दीरामपुर तक पिछले 72 घंटे में करीब तीन एकड़ कृषि योग्य उपजाऊ भूमि में नदी की जलधारा में विलीन हो गई है। नदी का कटान आबादी की ओर बढ़ने से लोगों में भय है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक मंगलवार की आधी रात के बाद जलस्तर 61.00 मीटर पर स्थिर हो गया, जो बुधवार को अपराह्न तक स्थिर बना रहा। जलस्तर स्थिर हो जाने से जहां लोगों ने राहत की सांस ली, कृषि योग्य उपजाउ भूमि कट-कटकर नदी के जलधारा समाहित होने से तटवर्ती बाशिंदे दहशत में हैं।
उल्लेखनीय है कि देवरिया जनपद के बरहज बाजार में बने कटानरोधी स्पर से टकराकर नदी की धारा सीधे बलिया जिले के तटवर्ती क्षेत्रों से टकराती है। जिससे कटान का सिलसिला शुरू हो जाता है। तटवर्ती क्षेत्रों में कटान रोकने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति भयावह रूप अख्तियार कर लेगी। ग्रामीणों का कहना है कि कटान शुरू होने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी अभी तक नहीं पहुंचे हैं न ही उनकी तरफ से कोई कटानरोधी कार्य ही कराया जा रहा है।
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केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक मंगलवार की आधी रात के बाद जलस्तर 61.00 मीटर पर स्थिर हो गया, जो बुधवार को अपराह्न तक स्थिर बना रहा। जलस्तर स्थिर हो जाने से जहां लोगों ने राहत की सांस ली, कृषि योग्य उपजाउ भूमि कट-कटकर नदी के जलधारा समाहित होने से तटवर्ती बाशिंदे दहशत में हैं।
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उल्लेखनीय है कि देवरिया जनपद के बरहज बाजार में बने कटानरोधी स्पर से टकराकर नदी की धारा सीधे बलिया जिले के तटवर्ती क्षेत्रों से टकराती है। जिससे कटान का सिलसिला शुरू हो जाता है। तटवर्ती क्षेत्रों में कटान रोकने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति भयावह रूप अख्तियार कर लेगी। ग्रामीणों का कहना है कि कटान शुरू होने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी अभी तक नहीं पहुंचे हैं न ही उनकी तरफ से कोई कटानरोधी कार्य ही कराया जा रहा है।
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