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प्रेरकों ने मानदेय के लिए भरी हुंकार
अमर उजाला ब्यूरो बलिया
Updated Fri, 22 Jan 2016 11:21 PM IST
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जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आए सैकड़ों प्रेरकों ने नगर के बापू भवन टाउन हाल से जुलूस निकालकर शहर भ्रमण किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। वहां जुलूस धरना सभा में तब्दील हो गई। इस दौरान प्रेरकों ने मांगों के समर्थन में जोरदार आवाज बुलंद की।
कलेक्ट्रेट परिसर में धरना सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि बेसिक शिक्षा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले प्रेरकों का मानदेय 26 माह से नहीं मिला। कहा कि प्रेरकों को शिक्षकों की तरह ही सेवा देना पड़ता है।
उनका भी मानदेय बढ़ाकर दस हजार रुपये किया जाना चाहिए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की अध्यक्ष सत्या सिंह ने कहा कि यदि शासन-प्रशासन में बैठे सरकार के नुमाइंदे प्रेरक साथियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए समाधान नहीं करते हैं तो जनपद के समस्त कर्मचारी जुटकर एक महा आंदोलन खड़ा करेंगे।
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डा. घनश्याम चौबे ने कहा कि वर्तमान परिवेश में कार्य के अनुरूप किसी को भी मानदेय नहीं मिल रहा है। कर्मचारी नेता वेदप्रकाश पांडेय ने प्रेरकों की मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि हर माह मानदेय दिया जाना चाहिए। इस मौके पर जिलामंत्री खुशहाल राम ने मांग पत्र पढ़कर उसका अनुमोदन सदन से कराया।
इस मौके डीएम के हाथों प्रधानमंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्री एवं सूबे के मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र भेजा गया। धरना सभा में मुख्य रूप से कर्मचारी नेता ब्रजेश सिंह, संगठन मंत्री धीरज राय, अरुण सिंह, लालबाबू यादव, जैनेंद्र पांडेय, अजीत पाठक, वीना शर्मा, नीतू तिवारी, कन्हैया दूबे, अख्तर अली, अशोक गुप्ता, सुशील कुमार आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता अमरजीत सिंह तथा संचालन शिवदयाल पांडेय ने किया।
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कलेक्ट्रेट परिसर में धरना सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि बेसिक शिक्षा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले प्रेरकों का मानदेय 26 माह से नहीं मिला। कहा कि प्रेरकों को शिक्षकों की तरह ही सेवा देना पड़ता है।
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उनका भी मानदेय बढ़ाकर दस हजार रुपये किया जाना चाहिए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की अध्यक्ष सत्या सिंह ने कहा कि यदि शासन-प्रशासन में बैठे सरकार के नुमाइंदे प्रेरक साथियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए समाधान नहीं करते हैं तो जनपद के समस्त कर्मचारी जुटकर एक महा आंदोलन खड़ा करेंगे।
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डा. घनश्याम चौबे ने कहा कि वर्तमान परिवेश में कार्य के अनुरूप किसी को भी मानदेय नहीं मिल रहा है। कर्मचारी नेता वेदप्रकाश पांडेय ने प्रेरकों की मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि हर माह मानदेय दिया जाना चाहिए। इस मौके पर जिलामंत्री खुशहाल राम ने मांग पत्र पढ़कर उसका अनुमोदन सदन से कराया।
इस मौके डीएम के हाथों प्रधानमंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्री एवं सूबे के मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र भेजा गया। धरना सभा में मुख्य रूप से कर्मचारी नेता ब्रजेश सिंह, संगठन मंत्री धीरज राय, अरुण सिंह, लालबाबू यादव, जैनेंद्र पांडेय, अजीत पाठक, वीना शर्मा, नीतू तिवारी, कन्हैया दूबे, अख्तर अली, अशोक गुप्ता, सुशील कुमार आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता अमरजीत सिंह तथा संचालन शिवदयाल पांडेय ने किया।