फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   The fire took away the house of 39 families

Ballia News: आग ने छीन लिया 39 परिवारों का आशियाना

Thu, 08 Jun 2023 10:19 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jun 2023 10:19 PM IST
विज्ञापन
The fire took away the house of 39 families
बैरिया। गोपालनगर साहनी बस्ती में बुधवार रात लगी भीषण आग में 39 परिवारों की 125 झोपड़ियां स्वाह हो गई। अगलगी में पांच मोटरसाइकिल, 55 साइकिल, खाने पीने के सामान के साथ ही आठ लाख की नगदी और आभूषण भी जलकर राख हो गए। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया। हादसे के बाद कई परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।
विज्ञापन


गोपालनगर साहनी बस्ती में बुधवार रात दो बजे सिपाही साहनी के घर अज्ञात कारणों से आग लग गई। जब तक लोग आग बुझाने का प्रयास करने में जुटे तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते लल्लन साहनी, ज्ञांती देवी पत्नी मुन्नीलाल साहनी, रविशंकर साहनी, नरहरी साहनी, भोला साहनी, टुनटुन साहनी, मंटू साहनी, मुकुल साहनी, मुकेश साहनी, राजेश शाह, श्रवण शाह, भोला शाह, छोटक शाह, रोहित शाह, दिलीप शाह, रोहित शाह सहित 39 परिवारों की 125 रिहायशी झोपड़ी राख हो गईं।
विज्ञापन

उसमें रखी तीन मोटरसाइकिल, 55 साइकिल, नगदी करीब 8 लाख से अधिक, आभूषण, खाद्यान्न, पशुचारा, चौकी सब कुछ जलकर राख हो गया। फायर ब्रिगेड के दीवान ददन राम रात में आग बुझाते समय फिसल कर गिर गए और जख्मी हो गए। काफी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां चार घंटे बाद आग पर काबू पा सकीं। अग्निकांड पीड़ित खुले आसमान के नीचे आ गए है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अभिमन्यु यादव ने अग्निपीड़ितों को पका भोजन उपलब्ध कराया। 39 परिवारों की झोपड़ियां जलने से लोग रोड पर आ गए हैं। खाने पीने का सारा सामान जल गया है। परिजन बच्चों के लिए खाने की व्यवस्था में जुट गए हैं। मौके पर सब एक दूसरे को दिलासा देते नजर आए। कोई जले सामान से परिवार के लिए चावल चुन रहा था तो कोई घर का बचा सामान। मंजर ऐसा कि देखने वाले की रूह कांप जाए।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी वित्त व राजस्व देवेन्द्र प्रताप सिंह, एसडीएम बैरिया आत्रेय मिश्र, पूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार, नायब तहसीलदार राजेश यादव, लेखपाल राजू यादव ने घटना की जानकारी ली। एसडीएम के देखरेख में अग्निपीड़ितों को तिरपाल वितरण किया। लोगों ने बताया कि आग लगने से पूरे गांव में अफरा-तफर मच गई थी। लोग अपनी-अपनी जान बचा कर भागने लगे थे। जैसे- तैसे फायर ब्रिगेड को सूचना दी। अग्निपीड़ितों को एसडीएम ने भरोसा दिया कि तीन दिनों के अंदर राहत का पैसा खाते में भेज दिया जाएगा।


कइसे होई गुजारा...सबकुछ जल गइल
बैरिया। हमार सब कुछ जल गइल हो दादा, अब हमनी के कईसे गुजरा होई...। एक तरफ अग्निपीड़ित आग से अधजला चावल व अन्य सामग्री किसी तरह समेटने में लगे हुए थे। दूसरी तरह छोटे-छोटे बच्चे भूख से बिलबिला रहे थे। अग्निपीड़ितों का कहना है कि तिनका-तिनका जुटाकर हमने झोपड़ी खड़ी की थी। इसमें परिवार व बच्चों का सपना बुन रहे थे। अग्नि तांडव में सबकुछ जलकर राख हो गया। कई लोगों ने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार हर साल सैकड़ों प्रधानमंत्री आवास व मुख्यमंत्री आवास के लिए करोड़ों रुपये भुगतान करती है।

बावजूद दियारा क्षेत्र में सैकड़ों परिवार आज भी झोपड़ियों में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। गरीबी का मंजर देखना है तो दियरा क्षेत्र के झोपड़ियों में पहुंचें तब एहसास होगा कि इन लोगों का जीवन कैसे व्यतीत हो रहा है। तहसील प्रशासन से तिरपाल मिलते ही चिलचिलाती धूप में छोटी से तिरपाल के अंदर छोटे-छोटे बच्चों के साथ पांच से सात लोग छांव में राहत पाने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, तिरपाल से औरतों की सिसकियां बाहर निकल रही थीं तो सिसकियों को सुन आम लोगों का कलेजा फटकर रह जा रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed