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700 करोड़ से पांच वर्ष में सुधरेगी जिले की बिजली व्यवस्था
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रिवैम्प योजना के तहत 700 करोड़ से जिले की बिजली व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। जिससे बिजली की आपूर्ति निर्बाध लोगों तक पहुंचे और लाइन लास कम हो होगा। शासन स्तर से जल्द ही कार्यदायी संस्था का चयन होगा। कुल पांच चरण में 700 करोड़ से अलग-अलग कार्य होंगे। दूसरे चरण में जनपद में पांच नए विद्युत उपकेंद्र बनाए जाने का भी प्रस्ताव है।
जिले में बिजली की आपूर्ति सुधारने को विद्युत विभाग ने कवायद तेज कर दी है। जनपद के कई ऐसे इलाके हैं जहां विद्युत उपकेंद्र को लंबी दूरी तक बिजली की आपूर्ति करनी पड़ती है। लंबी दूरी होने के कारण किसी तरह की फॉल्ट होने पर उसे दुरुस्त करने में अधिक समय लग जाता है। इसके अलावा तारों की लंबाई अधिक होने के कारण लाइन लॉस भी अधिक होता है। इसके चलते इन इलाकों में आए दिन बिजली की आपूर्ति बाधित होती है। इस कमी को दूर करने के लिए विद्युत विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। रिवैंप योजना में जिले को शामिल किया गया है।
अधिकारियों की माने तो योजना के तहत 2022-26 के लिए कार्ययोजना बनी है। इन पांच वर्षों में योजना के लिए अलग-अलग कार्य किए जाएंगे। बताया जाता है कि करीब 700 करोड़ की कार्ययोजना है। शासन स्तर से टेंडर की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही कार्यदायी संस्था का चयन किया जाएगा। कार्ययोजना के दूसरे चरण पांच नए 33/11 विद्युत उपकेंद्र बनाने का भी प्रस्ताव है। इस पर करीब 22 करोड़ खर्च होंगे।
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रिवैंप योजना में यहां प्रस्तावित हैं विद्युत उपकेंद्र
योजना के तहत जिगिरसड़, पुरुषोत्तम पट्टी, लालगंज, माल्देपुर व भरौली गांव में नए विद्युत उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव है। हालांकि अभी इसके निर्माण में समय लगेगा।
रिवैंप योजना में विभाग के कई बड़े कार्य प्रस्तावित हैं। पहले चरण में करीब तीन लाख स्मार्ट मीटर व 5579 किमी आर्मड केबल लगाने का कार्य प्रस्तावित है। अगले चरण में पांच नए विद्युत उपकेंद्र बनाने का कार्य भी प्रस्तावित है।
- आरके जैन, अधीक्षण अभियंता, विद्युत, बलिया।
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जिले में बिजली की आपूर्ति सुधारने को विद्युत विभाग ने कवायद तेज कर दी है। जनपद के कई ऐसे इलाके हैं जहां विद्युत उपकेंद्र को लंबी दूरी तक बिजली की आपूर्ति करनी पड़ती है। लंबी दूरी होने के कारण किसी तरह की फॉल्ट होने पर उसे दुरुस्त करने में अधिक समय लग जाता है। इसके अलावा तारों की लंबाई अधिक होने के कारण लाइन लॉस भी अधिक होता है। इसके चलते इन इलाकों में आए दिन बिजली की आपूर्ति बाधित होती है। इस कमी को दूर करने के लिए विद्युत विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। रिवैंप योजना में जिले को शामिल किया गया है।
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अधिकारियों की माने तो योजना के तहत 2022-26 के लिए कार्ययोजना बनी है। इन पांच वर्षों में योजना के लिए अलग-अलग कार्य किए जाएंगे। बताया जाता है कि करीब 700 करोड़ की कार्ययोजना है। शासन स्तर से टेंडर की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही कार्यदायी संस्था का चयन किया जाएगा। कार्ययोजना के दूसरे चरण पांच नए 33/11 विद्युत उपकेंद्र बनाने का भी प्रस्ताव है। इस पर करीब 22 करोड़ खर्च होंगे।
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रिवैंप योजना में यहां प्रस्तावित हैं विद्युत उपकेंद्र
योजना के तहत जिगिरसड़, पुरुषोत्तम पट्टी, लालगंज, माल्देपुर व भरौली गांव में नए विद्युत उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव है। हालांकि अभी इसके निर्माण में समय लगेगा।
रिवैंप योजना में विभाग के कई बड़े कार्य प्रस्तावित हैं। पहले चरण में करीब तीन लाख स्मार्ट मीटर व 5579 किमी आर्मड केबल लगाने का कार्य प्रस्तावित है। अगले चरण में पांच नए विद्युत उपकेंद्र बनाने का कार्य भी प्रस्तावित है।
- आरके जैन, अधीक्षण अभियंता, विद्युत, बलिया।