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मस्जिद तक पहुंचना है चुनौती
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
Updated Tue, 21 Jun 2016 12:12 AM IST
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मस्जिद तक पहुंचना है चुनौती
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आराजीमाफी सागरपाली में सफाईकर्मी न होने से यहां की नालियां बजबजा रही हैं। सबसे विकट स्थिति मस्जिद की है, यहां नाली का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर मस्जिद परिसर में प्रवेश करने लगा है।
रमजान का महीना होने के कारण रोजेदार पूरे दिन में पांच वक्त नमाज अदा करने यहां आते हैं। लेकिन मस्जिद परिसर में नारकीय स्थिति कायम है। इस संबंध में बीते सोमवार को रोजेदार अबदुल्लाह खान के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में रोजेदार डीएम से भी मिले।
लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिससे रोजेदार अब इसको लेकर आंदोलन के मूड में है। रोजेदार अबदुल्लाह खान ने एलान किया कि यदि एक सप्ताह के अंदर नाली की साफ-सफाई नहीं कराई गई तो हम रोजेदार सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। पूरे गांव में एक ही मस्जिद होने के कारण यहां लगभग काफी संख्या में मुस्लिमों का रोजाना आना-जाना लगा रहता है।
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रोजेदार अबदुल्लाह खान का कहना है कि हमने इस संदर्भ में रमजान का महीना शुरू होने से पूर्व वस्तुस्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया था। उन्होंने आश्वासन भी दिया था, लेकिन आज एक पखवारा बीत जाने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। इसके अलावा पूर्व में डीपीआरओ से भी गांव में सफाईकर्मी मुहैया कराने की मांग की गई थी। लेकिन उन्होंने मांग पूरी नहीं की। ऐसे में हम रोजेदार खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। यदि एक सप्ताह के अंदर नालियों की साफ-सफाई नहीं कराई गई तो हम रोजेदार सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।
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रमजान का महीना होने के कारण रोजेदार पूरे दिन में पांच वक्त नमाज अदा करने यहां आते हैं। लेकिन मस्जिद परिसर में नारकीय स्थिति कायम है। इस संबंध में बीते सोमवार को रोजेदार अबदुल्लाह खान के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में रोजेदार डीएम से भी मिले।
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लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिससे रोजेदार अब इसको लेकर आंदोलन के मूड में है। रोजेदार अबदुल्लाह खान ने एलान किया कि यदि एक सप्ताह के अंदर नाली की साफ-सफाई नहीं कराई गई तो हम रोजेदार सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। पूरे गांव में एक ही मस्जिद होने के कारण यहां लगभग काफी संख्या में मुस्लिमों का रोजाना आना-जाना लगा रहता है।
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रोजेदार अबदुल्लाह खान का कहना है कि हमने इस संदर्भ में रमजान का महीना शुरू होने से पूर्व वस्तुस्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया था। उन्होंने आश्वासन भी दिया था, लेकिन आज एक पखवारा बीत जाने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। इसके अलावा पूर्व में डीपीआरओ से भी गांव में सफाईकर्मी मुहैया कराने की मांग की गई थी। लेकिन उन्होंने मांग पूरी नहीं की। ऐसे में हम रोजेदार खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। यदि एक सप्ताह के अंदर नालियों की साफ-सफाई नहीं कराई गई तो हम रोजेदार सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।