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कृमि मुक्ति के लिए चलेगा अभियान
अमर उजाला ब्यूरोः बलिया
Updated Thu, 01 Sep 2016 10:16 PM IST
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10 सितबंर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर डिवर्मिंग की दवाएं दी जाएगी। जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय पर आयोजित बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीके सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी स्कूल और आंगनबाडी केंद्रों में बच्चों को कृमि मुक्त करने के लिए समस्त सरकारी व सहकारी सहायता प्राप्त स्कूल और आंगनबाडी के माध्यम से डिवार्मिंग की दवाएं दी जाएगी। सीएमओ ने बताया कि नाखून साफ व छोटे रखें तथा आसपास सफाई रखा जाए। हमेशा साफ पानी पीएं तथा खाने को ढक कर ही रखें। साफ पानी से फल व सब्जियां धोएं। खुले में शौच न करें, हमेशा शौचालय का ही प्रयोग करें।
उन्होंने बताया कि कृमि संक्रमण अस्वच्छता के कारण तथा संक्रमित मिट्टी के संपर्क से संचारित होता है। कृमि की जितनी अधिक मात्रा होगी, संक्रमित व्यक्ति के लक्षण उतने ही अधिक होंगे। कृमि संक्रमण के संचरण चक्र के बारे में सीएमओ ने बताया कि संक्रमित बच्चों के शौच में कृमि के अंडे होते हैं। खुले में शौच करने से ये अंडे मिट्टी में मिल जाते हैं और विकसित होते हैं। बच्चों के नंगे पैर चलने से, गंदे हाथों से खाना खाने से या बिना ढका हुआ भोजन खाने से लार्वा के संपर्क में आने से संक्रमित हो जाते हैं। बैठक में सीएमओ डॉ पीके सिंह, डीपीओ रामभवन वर्मा, सीएमएस डॉ एसपी राय, डीसीपीएम अजय पांडेय, डीपीआरओ राकेश यादव, बीएसए राकेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि कृमि संक्रमण अस्वच्छता के कारण तथा संक्रमित मिट्टी के संपर्क से संचारित होता है। कृमि की जितनी अधिक मात्रा होगी, संक्रमित व्यक्ति के लक्षण उतने ही अधिक होंगे। कृमि संक्रमण के संचरण चक्र के बारे में सीएमओ ने बताया कि संक्रमित बच्चों के शौच में कृमि के अंडे होते हैं। खुले में शौच करने से ये अंडे मिट्टी में मिल जाते हैं और विकसित होते हैं। बच्चों के नंगे पैर चलने से, गंदे हाथों से खाना खाने से या बिना ढका हुआ भोजन खाने से लार्वा के संपर्क में आने से संक्रमित हो जाते हैं। बैठक में सीएमओ डॉ पीके सिंह, डीपीओ रामभवन वर्मा, सीएमएस डॉ एसपी राय, डीसीपीएम अजय पांडेय, डीपीआरओ राकेश यादव, बीएसए राकेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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