मझौवां। बैरिया तहसील क्षेत्र के चक्की नौरंगा में सोमवार की दोपहर गंगा की उतरती लहरों ने तबाही मचाई। करोड़ों रुपये की लागत से प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत बनाई गई सड़क का लगभग तीन किलोमीटर का हिस्सा और सैकड़ों एकड़ जमीन देखते ही देखते गंगा की लहरों में समा गई। अचानक हुए कटान से दोनों बस्तियों में भगदड़ मच गई। लोग अपने परिवार की महिलाओं, बच्चों को सुरक्षित करने में परेशान नजर आए। कटान स्थल के चारों तरफ पानी-कीचड़ होने के कारण लोग बेबस नजर आए।
बैरिया तहसील क्षेत्र के अंतिम छोर पर स्थित चक्की (नौरंगा) में महज कुछ सेकेंड में सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि और करोड़ों रुपये की लागत से बनी तीन किलोमीटर सड़क गंगा में विलीन हो गई। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय वादा तो किया गया था कि इस गांव की एक इंच भूमि कटने नहीं दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि गलती जनप्रतिनिधियों की नहीं, बल्कि भूल हमारी है जो हम इनके वादों पर भरोसा कर बैठते हैं और भूल जाते हैं। जिन पीड़ितों के सैकड़ों एकड़ जमीन गंगा में समाहित हो गई, उनमें सुरेंद्र ठाकुर, विनोद ठाकुर, राजमंगल ठाकुर, राजनारायण ठाकुर, हरि ठाकुर, रवींद्र ठाकुर, पारस ठाकुर, राजकुमार ठाकुर आदि में मायूसी छाई हुई हैं। पीड़ितों ने कहा कि हम लोगों ने अपनी उपजाऊ भूमि को गंगा की गोद में समाते अपनी आंखों से देखा है। गंगा की लहरें सैकड़ों एकड़ भूमि काटने के बाद लाखों रुपये की खर्च कर बनी पुलिया से टकराने लगी हैं।