फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Teachers are not paid arrears in Ballia

बाबुओं के मकड़जाल में गुरुजी,फंसा एरियर

Fri, 25 Mar 2016 11:27 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बलिया
ब्यूरो/ अमर उजाला, बलिया Updated Fri, 25 Mar 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
Teachers are not paid arrears in Ballia
टीचर - फोटो : demo pic
शिक्षामित्र से सहायक शिक्षक बने अध्यापकों का एरियर भुगतान समय से नहीं किया जा रहा है। मार्च बीतने को है और सैकड़ों शिक्षक एरियर भुगतान के लिए प्रतिदिन बीएसए कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। भुगतान के नाम पर अलग-अलग सूची निकालकर शिक्षकों से अवैध वसूली तक की जा रही है।
विज्ञापन


इसके लिए दो से तीन हजार रुपये तक की खुलेआम वसूली भी हो रही है। उधर, बीएसए का दावा है कि उन्होंने सभी शिक्षकों के एरियर भुगतान के लिए आदेश एक पखवारा पहले ही कर दिया था। जबकि हालत यह है कि बाबुओं की मनमानी ने सभी को परेशानी में डाला हुआ है।
विज्ञापन


विभाग की माने तो शिक्षकों की नियुक्ति बीए तथा बीटीसी की योग्यता पर हुई है। नौकरी के बाद सभी कागजातों का सत्यापन विश्वविद्यालय तथा संबंधित बोर्ड से कराया जाता है। नियमत: कागजात सत्यापन होकर आने के बाद ही विभाग सूची जारी कर एरियर भुगतान करता है लेकिन दुखद यह है कि जिनका सत्यापन नहीं हुआ है, उनका भी नाम सूची में डाल दिया जा रहा है। कुछ सत्यापन होकर आने के बाद भी चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसा होने से सहायक शिक्षक काफी नाराज है। यह खेल विभाग में एक महीने से चल रहा है। करीब 600 सहायक शिक्षकों का अब भी एरियर भुगतान नहीं हुआ है। मजे की बात यह है कि अब तक दर्जनों शिक्षकों का नाम सूची में दोबारा प्रकाशित हो चुका है। ऐसा इसलिए की पहली बार जुगाड़ पर नाम निकलने के बाद दोबारा सत्यापन होकर आने पर पुन: विभाग उनका नाम प्रकाशित कर दे रहा है।

प्रदेश के अधिकांश जनपदों में शिक्षामित्रों का एरियर भुगतान होली से 10-15 दिन पहले ही कर दिया गया है लेकिन बलिया जनपद के शिक्षकों का सत्यापन आने के बाद भी भुगतान नहीं हो सका है। इस संबंध में शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल बीएसए से भी मिला था लेकिन तब भी कोई हल नहीं निकला।


वेतन भुगतान के समय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. राकेश सिंह ने यह नियम बनाया था कि हाईस्कूल तथा इंटर के सत्यापन के बाद उन्हें वेतन भुगतान किया जा सकता है। ऐसे में शिक्षकों का वेतन भुगतान तो शुरू करा दिया लेकिन जब एरियर देने की बात आई तो बाबुओं ने चहेते लोगों की ही फाइल आगे बढ़ाया। ऐसे में बिना जुगाड़ वाले शिक्षक अब भी चक्कर काटने को विवश हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed