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जिविनि कार्यालय के डिस्पैच रजिस्टर में छेड़छाड़, बाबू व एक स्कूल प्रबंधक व उनके पुत्र के खिलाफ दी तहरीर
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बलिया। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में डिस्पैच रजिस्टर में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जिविनि ने इस मामले में कार्यालय के लिपिक, एक विद्यालय के प्रबंधक और प्रबंधक पुत्र के खिलाफ तहरीर दी है।
कोतवाली पुलिस को भेजी गई तहरीर में जिविनि भाष्कर मिश्र ने लिखा है कि वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात शैलेंद्र कुमार चौबे पूर्व में डिस्पैच का काम देखते थे। उनका कहना है कि साल 2017-18 में शैलेंद्र द्वारा किए गए डिस्पैच का प्रभार वर्तमान में वरिष्ठ सहायक संजय प्रकाश को नहीं दिया गया, जबकि इसके लिए कई बार लिखित रूप से निर्देशित किया गया। मामले की जांच के लिए 30 जून एडीआईओएस राकेश कुमार की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई। टीम में जीआईसी के प्रधानाचार्य प्रफुल्ल कुमार श्रीवास्तव और प्रधान सहायक श्याम नारायण शुक्ल भी थे। टीम ने 27 अक्तूबर को जांच रिपोर्ट सौंपी। टीम ने पाया कि शैलेंद्र चौबे के प्रभार के दौरान डिस्पैच पंजिका में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई है। जिविनि का कहना है कि डिस्पैच रजिस्टर में छेड़छाड़, कटिंग, फर्जी पत्रों का अंकन आदि का कार्य अनैतिक रूप से श्री विश्वनाथ उमावि नीरुपुर के प्रबंध समिति को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है। उनका कहना है कि चूंकि विद्यालय के प्रबंधक की उम्र करीब 75 साल है लिहाजा विद्यालय के प्रबंधक का कार्य उनके पुत्र रवि तिवारी द्वारा निष्पादित किया जाता है। उनका आरोप है कि रजिस्टर से छेड़छाड़ में शैलेंद्र का सहयोग रवि तिवारी द्वारा किया गया है। उन्होंने पुलिस से इस मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा है।
कार्यालय के डिस्पैच रजिस्टर में छेड़छाड़ मामले की जांच कराई गई। जांच में गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित बाबू व एक विद्यालय के प्रबंधक व पुत्र के खिलाफ तहरीर पुलिस अधीक्षक को भेजी गई है। - भास्कर मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक, बलिया
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कोतवाली पुलिस को भेजी गई तहरीर में जिविनि भाष्कर मिश्र ने लिखा है कि वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात शैलेंद्र कुमार चौबे पूर्व में डिस्पैच का काम देखते थे। उनका कहना है कि साल 2017-18 में शैलेंद्र द्वारा किए गए डिस्पैच का प्रभार वर्तमान में वरिष्ठ सहायक संजय प्रकाश को नहीं दिया गया, जबकि इसके लिए कई बार लिखित रूप से निर्देशित किया गया। मामले की जांच के लिए 30 जून एडीआईओएस राकेश कुमार की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई। टीम में जीआईसी के प्रधानाचार्य प्रफुल्ल कुमार श्रीवास्तव और प्रधान सहायक श्याम नारायण शुक्ल भी थे। टीम ने 27 अक्तूबर को जांच रिपोर्ट सौंपी। टीम ने पाया कि शैलेंद्र चौबे के प्रभार के दौरान डिस्पैच पंजिका में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई है। जिविनि का कहना है कि डिस्पैच रजिस्टर में छेड़छाड़, कटिंग, फर्जी पत्रों का अंकन आदि का कार्य अनैतिक रूप से श्री विश्वनाथ उमावि नीरुपुर के प्रबंध समिति को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है। उनका कहना है कि चूंकि विद्यालय के प्रबंधक की उम्र करीब 75 साल है लिहाजा विद्यालय के प्रबंधक का कार्य उनके पुत्र रवि तिवारी द्वारा निष्पादित किया जाता है। उनका आरोप है कि रजिस्टर से छेड़छाड़ में शैलेंद्र का सहयोग रवि तिवारी द्वारा किया गया है। उन्होंने पुलिस से इस मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा है।
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कार्यालय के डिस्पैच रजिस्टर में छेड़छाड़ मामले की जांच कराई गई। जांच में गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित बाबू व एक विद्यालय के प्रबंधक व पुत्र के खिलाफ तहरीर पुलिस अधीक्षक को भेजी गई है। - भास्कर मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक, बलिया
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