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जिले के तदर्थ शिक्षकों की सेवा पर लटकी तलवार

Fri, 27 May 2022 10:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 27 May 2022 10:57 PM IST
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Sword hanging on the service of ad-hoc teachers of the district
बलिया। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से वेतन पा रहे तदर्थ शिक्षकों के वेतन भुगतान पर मई माह से रोक लगा दी गई है। इस निर्णय से तदर्थ शिक्षकों व उनके परिजनों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद के 91 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय हैं। इनमें 75 तदर्थ शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड के गठन होने के बाद प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक व प्रवक्ता संवर्ग की भर्ती आयोग से की जाती है। विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 2000 के जनवरी माह बाद से जिले में 75 तदर्थ शिक्षक प्रबंधतंत्र की ओर से नियुक्त किए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ल ने ऐसे तदर्थ शिक्षकों के वेतन भुगतान पर मई से रोक लगाने का आदेश दे दिया है। इन शिक्षकों का वेतन कोर्ट के आदेश पर कोषागार के जरिए वेतन मिलता रहा था। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष विजय कुमार सिंह ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय में इनकी नियुक्ति को विनियमित करने की अपील को खारिज कर दिया है। ये शिक्षक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के जरिए चयनित होने के बाद ही अपने पद पर बने रख सकते हैं।
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तदर्थ शिक्षकों को लेकर जो भी आदेश सरकार की तरफ से होगा, उसका पालन जाएगा। शासन की ओर से माध्यमिक विद्यालयों सभी तदर्थ शिक्षकों की सूची मांगी है। फिलहाल वेतन रोकने का आदेश आया है।- अतुल तिवारी, प्रभारी डीआईओएस
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