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बलिया के लाल का कमाल, घर की खराब स्थिति से नहीं डगमगाए कदम, हुआ पीसीएस 2019 में चयन
Wed, 17 Feb 2021 09:27 PM IST
स्वाधीन तिवारी
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Wed, 17 Feb 2021 09:27 PM IST
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सुनील सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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“खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है” कवि मुहम्मद इकबाल की लाइने बलिया के सुनील सिंह पर अक्षरश: सटीक बैठती हैं। तभी तो सुनील ने परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होते हुए भी अपने सपनों का गला नहीं घोटा और जिद को पूरा किया। यूपी पीसीएस में सफलता हासिल की और हुए नायब तहसीलदार बने। बुधवार को परिणाम जारी होते ही परिजनों में खुशी का माहौल है।
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सुनील सिंह बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के पियरौटा गांव के निवासी हैं। इन्होंने प्राथमिक शिक्षा पियरौटा गांव से की। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट जनता जनार्दन इण्टर कालेज, गाजीपुर से किया। बीए इलाहाबाद विश्वविद्यालय से किया। एमए इग्नू और आपदा प्रबंधन में डिप्लोमा किया। जीवन संघर्षों से भरा है।
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सुनील की माता सुबसिनी सिंह गृहणी हैं और पिता यूपी हैंडलूम में काम करते थे कुछ समय पहले ही मानसिक रूप से बीमार हो गए। 2012 में इनके परिवार को चाचा द्वारा घर से बाहर निकाल दिया गया। दिल्ली में सुनील सिंह अपने पिता की सेवा कर रहे थे।
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परिजनों के साथ सुनील सिंह
- फोटो : अमर उजाला
लेकिन 2016 से इनके पिता दिल्ली से लापता हैं। सुनील ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और छोटे भाई प्रताप सिंह उर्फ सनी ,बहन सुनीता सिंह और गुरुजनों और मित्र आकाशवाणी के निदेशक दिलीप शुक्ला को दिया है।