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छात्रनेताआें ने फूंका प्रशासन का पुतला
ballia
Updated Thu, 31 Aug 2017 11:03 PM IST
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कुंवर सिंह चौराहे पर जिला प्रशासन का पूतला फंूकते छात्र।
- फोटो : ballia
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गर के तीन महाविद्यालयों के छात्रनेताओं ने गुरुवार को कुंवर सिंह चौराहा, टीडी कॉले चौराहा तथा एससी कॉलेज चौराहे पर जिला प्रशासन का पुतला फूंका नारेबाजी की। तत्पश्चात एससी कालेज के छात्रसंघ भवन में बैठक की। जिसमें पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू व जिला संयोजक मानवेेंद्र विक्रम सिंह को अविलंब छोड़ने तथा कोतवाल को बर्खास्त करने की मांग की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष आशुतोष पांडेय दीपक ने कहा कि अभी तक 1975 की इमरजेंसी की कहानी बुजुर्गों से सुनते आ रहे थे। लेकिन इमरजेंसी क्या होती है, उसे जिला प्रशासन छात्रों को प्रताड़ित कर दिखा रही है। कहा कि पिछले सप्ताह टीडी कॉलेज के प्राचार्य एवं छात्रनेताओं के बीच हुए विवाद में जिला प्रशासन ने छात्रनेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। छात्र कर्फ्यू के दिन छात्रनेता लोकतांत्रिक तरीके से व्यापारियों से हाथ जोड़कर दूकानाें को बंद करवा रहे थे। लेकिन पुलिस ने छात्र कर्फ्यू का नेतृत्व कर रहे नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू व मानवेंद्र विक्रम सिंह समेत 33 छात्रनेताओं को गिरफ्तार कर गैर जनपद के जेल में भेज दिया। इसमें से 31 छात्रनेताओं की रिहाई तो हो गई।
लेकिन झुन्नू सिंह व मानवेंद्र विक्रम सिंह की रिहाई नहीं की गई। कहा कि अगर जिला प्रशासन सोच रहा है कि छात्र आंदोलन समाप्त हो गया है तो यह सपना देखना छोड़ दें। आंदोलन तभी समाप्त होगा, जब छात्रनेताओं पर से फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएंगे और कोतवाल को निलंबित किया जाएगा। इस मौके पर पूर्व महामंत्री छोटू यादव, विकास पांडेय लाला, अविनाश सिंह, विकास सिंह, शुभम गुप्ता, दीपकसोनी, शहनवाज, संटू कुशवाहा, आनंद प्रकाश पांडेय, प्रकाश पांडेय, आदि मौजूद रहे।े
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बैठक को संबोधित करते हुए छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष आशुतोष पांडेय दीपक ने कहा कि अभी तक 1975 की इमरजेंसी की कहानी बुजुर्गों से सुनते आ रहे थे। लेकिन इमरजेंसी क्या होती है, उसे जिला प्रशासन छात्रों को प्रताड़ित कर दिखा रही है। कहा कि पिछले सप्ताह टीडी कॉलेज के प्राचार्य एवं छात्रनेताओं के बीच हुए विवाद में जिला प्रशासन ने छात्रनेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। छात्र कर्फ्यू के दिन छात्रनेता लोकतांत्रिक तरीके से व्यापारियों से हाथ जोड़कर दूकानाें को बंद करवा रहे थे। लेकिन पुलिस ने छात्र कर्फ्यू का नेतृत्व कर रहे नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू व मानवेंद्र विक्रम सिंह समेत 33 छात्रनेताओं को गिरफ्तार कर गैर जनपद के जेल में भेज दिया। इसमें से 31 छात्रनेताओं की रिहाई तो हो गई।
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लेकिन झुन्नू सिंह व मानवेंद्र विक्रम सिंह की रिहाई नहीं की गई। कहा कि अगर जिला प्रशासन सोच रहा है कि छात्र आंदोलन समाप्त हो गया है तो यह सपना देखना छोड़ दें। आंदोलन तभी समाप्त होगा, जब छात्रनेताओं पर से फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएंगे और कोतवाल को निलंबित किया जाएगा। इस मौके पर पूर्व महामंत्री छोटू यादव, विकास पांडेय लाला, अविनाश सिंह, विकास सिंह, शुभम गुप्ता, दीपकसोनी, शहनवाज, संटू कुशवाहा, आनंद प्रकाश पांडेय, प्रकाश पांडेय, आदि मौजूद रहे।े
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