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बैकफुट पर प्रशासन, किराया वापस लिया
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Sat, 20 Dec 2014 10:57 PM IST
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पेट्रोल और डीजल के दाम कम होने के बाद लगातार किराया कम करने की मांग पर गत 18 दिसंबर को जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से जिले के प्रमुख रूटों का किराया तय किया गया था।
प्रशासन ने कई रूटों का किराया घटाने की बजाए बढ़ा दिया था। अगले दिन जब लोगों को इसकी जानकारी हुई तो विरोध शुरू हो गया। इस पर एक दिन बाद शनिवार को ही प्रशासन बैकफुट पर आ गया।
एडीएम ने बताया कि किराया निर्धारण के लिए गठित समिति ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। समिति के किराया निर्धारण के बाद डीएम की सहमति पर निर्णय होगा। तब तक पुराना किराया ही वसूला जाएगा।
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डीएम के निर्देश पर किराया निर्धारण के लिए एक टीम गत दिनों गठित की गई थी। टीम ने आपस में बातचीत के बाद विभिन्न रूटों का किराया निर्धारित कर दिया लेकिन किराया निर्धारण में घटे तेलों के दाम तथा आम जनता को ध्यान में नहीं रखा गया।
इससे चितबड़ागांव, हल्दी और बांसडीह रूटों का किराया घटने की जगह बढ़ा दिया गया। इससे नाराज लोग एक बार फिर सड़क पर उतर आए।
स्थिति बिगड़ते देख जिला प्रशासन बैकफुट पर आ गया और किराया वृद्धि के संबंध शनिवार को किसी प्रकार की जानकारी से अनभिज्ञता जताने लगा। जबकि शुक्रवार को जिले के आला अफसरों के निर्देश पर सूचना विभाग ने जिला समिति के किराया निर्धारण की सूचना देते हुए विभिन्न रूटों की जानकारी दी थी।
इस बाबत एआरटीओ संदीप पंकज ने बताया कि अभी जिले के समस्त रूटों का यात्री किराया निर्धारित नहीं किया गया है। समिति को कुछ अवशेष मार्गों का किराया निर्धारित करना बाकी है। किराए के संबंध में जो भ्रम फैला है, उसे शीघ्र दूर कर दिया जाएगा। इसके बाद डीएम की सहमति के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी खेमपाल सिंह ने भी बताया कि अभी यात्री किराया निर्धारण के लिए गठित जिला समिति ने विभिन्न रूटों का यात्री किराया निर्धारित नहीं कर सकी है। जल्द सभी रूटों का किराया निर्धारित कर डीएम से संस्तुति के बाद घोषित कर दी जाएगा। जब तक यात्री किराया निर्धारित नहीं होता है, तब तक पुराना किराया ही यात्री वाहन संचालक यात्रियों से वसूलेंगे।
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प्रशासन ने कई रूटों का किराया घटाने की बजाए बढ़ा दिया था। अगले दिन जब लोगों को इसकी जानकारी हुई तो विरोध शुरू हो गया। इस पर एक दिन बाद शनिवार को ही प्रशासन बैकफुट पर आ गया।
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एडीएम ने बताया कि किराया निर्धारण के लिए गठित समिति ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। समिति के किराया निर्धारण के बाद डीएम की सहमति पर निर्णय होगा। तब तक पुराना किराया ही वसूला जाएगा।
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डीएम के निर्देश पर किराया निर्धारण के लिए एक टीम गत दिनों गठित की गई थी। टीम ने आपस में बातचीत के बाद विभिन्न रूटों का किराया निर्धारित कर दिया लेकिन किराया निर्धारण में घटे तेलों के दाम तथा आम जनता को ध्यान में नहीं रखा गया।
इससे चितबड़ागांव, हल्दी और बांसडीह रूटों का किराया घटने की जगह बढ़ा दिया गया। इससे नाराज लोग एक बार फिर सड़क पर उतर आए।
स्थिति बिगड़ते देख जिला प्रशासन बैकफुट पर आ गया और किराया वृद्धि के संबंध शनिवार को किसी प्रकार की जानकारी से अनभिज्ञता जताने लगा। जबकि शुक्रवार को जिले के आला अफसरों के निर्देश पर सूचना विभाग ने जिला समिति के किराया निर्धारण की सूचना देते हुए विभिन्न रूटों की जानकारी दी थी।
इस बाबत एआरटीओ संदीप पंकज ने बताया कि अभी जिले के समस्त रूटों का यात्री किराया निर्धारित नहीं किया गया है। समिति को कुछ अवशेष मार्गों का किराया निर्धारित करना बाकी है। किराए के संबंध में जो भ्रम फैला है, उसे शीघ्र दूर कर दिया जाएगा। इसके बाद डीएम की सहमति के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी खेमपाल सिंह ने भी बताया कि अभी यात्री किराया निर्धारण के लिए गठित जिला समिति ने विभिन्न रूटों का यात्री किराया निर्धारित नहीं कर सकी है। जल्द सभी रूटों का किराया निर्धारित कर डीएम से संस्तुति के बाद घोषित कर दी जाएगा। जब तक यात्री किराया निर्धारित नहीं होता है, तब तक पुराना किराया ही यात्री वाहन संचालक यात्रियों से वसूलेंगे।