{"_id":"0410844c9daddca1867996d4a265380f","slug":"students-at-the-commotion-of-food-manipulation-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोजन में गड़बड़ी पर छात्रों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोजन में गड़बड़ी पर छात्रों का हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Wed, 29 Jul 2015 10:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कालेज बस्तौरा में कच्ची रोटी, कम भोजन और वह भी समय से न देने के विरोध में छात्रों ने बुधवार की सुबह कालेज में जमकर हंगामा किया। इस दौरान कालेज के शिक्षकों द्वारा बच्चों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया गया। साथ ही आश्वासन दिया गया कि भोजन में आगे से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं मिलेगी।
राजकीय आश्रम पद्धति बलस्तौरा में भोजन निर्धारित समय से लगभग डेढ़ घंटे देर से मिलने पर छात्रों का गुस्सा फू ट पड़ा। इतना ही नहीं भोजन में कच्ची रोटी, लेतरी की दाल एवं कम भोजन परोसा गया। छात्रों का आरोप था कि ठेकेदार द्वारा समय से भोजन तथा मानक के अनुरूप खाना नहीं दिया जाता है। है। और तो और आए दिन प्रतिबंधित लेतरी की दाल हम लोगों को परोसी जाती है।
आज तक ठेकेदार द्वारा दूध उपलब्ध नहीं कराया गया। जबकि मीनू में भोजन के साथ ही दूध भी देने का प्रावधान है। छात्रों का आरोप था कि चार जगह दो रोटी दी जाती है। सुबह में नाश्ता तो दूर कुछ भी नसीब नहीं होता है। सीधे भोजन ही मिलता है। मालूम हो कि 27 जुलाई को विभिन्न समस्याओं को लेकर छात्रों ने भूख हड़ताल की थी, जहां मौके पर पहुंचे समाज कल्याण अधिकारी नरेंद्र विश्वकर्मा के समझाने पर छात्र भूख हड़ताल समाप्त की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजकीय आश्रम पद्धति बलस्तौरा में भोजन निर्धारित समय से लगभग डेढ़ घंटे देर से मिलने पर छात्रों का गुस्सा फू ट पड़ा। इतना ही नहीं भोजन में कच्ची रोटी, लेतरी की दाल एवं कम भोजन परोसा गया। छात्रों का आरोप था कि ठेकेदार द्वारा समय से भोजन तथा मानक के अनुरूप खाना नहीं दिया जाता है। है। और तो और आए दिन प्रतिबंधित लेतरी की दाल हम लोगों को परोसी जाती है।
विज्ञापन
आज तक ठेकेदार द्वारा दूध उपलब्ध नहीं कराया गया। जबकि मीनू में भोजन के साथ ही दूध भी देने का प्रावधान है। छात्रों का आरोप था कि चार जगह दो रोटी दी जाती है। सुबह में नाश्ता तो दूर कुछ भी नसीब नहीं होता है। सीधे भोजन ही मिलता है। मालूम हो कि 27 जुलाई को विभिन्न समस्याओं को लेकर छात्रों ने भूख हड़ताल की थी, जहां मौके पर पहुंचे समाज कल्याण अधिकारी नरेंद्र विश्वकर्मा के समझाने पर छात्र भूख हड़ताल समाप्त की थी।
विज्ञापन