{"_id":"62701b7cb9b9e47c9a4f1e14","slug":"struggle-between-farmers-and-flood-department-dam-work-stopped-ballia-news-vns651508772","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों व बाढ़ विभाग के बीच पेच फंसां, बांध का काम रुका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों व बाढ़ विभाग के बीच पेच फंसां, बांध का काम रुका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। जयप्रकाश नगर क्षेत्र के सिताबदियारा के विभिन्न गांवों को सुरक्षित करने के लिए गंगा व सरयू नदी के किनारे सुरक्षा बांध निर्माण कराने के लिए यूपी व बिहार के अधिकारियों के बीच करीब पांच वर्ष पहले सहमति बनी। बिहार सरकार की ओर से कार्य तो पूरा कर लिया गया है लेकिन यूपी की सीमा में अभी भी कार्य अटका हुआ है। बताया जाता है शुरुआत के वर्षों में धन की कमी रही तो अब किसान अपनी जमीनों का माकूल मुआवजा की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर कोर्ट ने स्थगन आदेश भी जारी कर दिया है। किसानों व विभाग के बीच इसको लेकर फंसे पेच के कारण सुरक्षा बांध का निर्माण रुका पड़ा है। अगर समय रहते विभाग न मामले का निपटारा नहीं किया तो इस वर्ष भी बाढ़ कटान का दंश के गांव के लोगों को झेलना पड़ेगा।
सिताबदियारा में यूपी की कोड़रहा नौबरार (जयप्रकाश नगर ) गंगा किनारे तो वहीं इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगांवा ) सरयू नदी के मुहाने पर है। वहीं बिहार राज्य के सारण (छपरा ) जनपद का सिताबदियारा पंचायत सरयू नदी तो प्रभुनाथ नगर पंचायत गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है। इन चारों पंचायतों के लोग पिछले कई दशक से दोनों नदियों की कटान व बाढ़ का दंश झेलते आ रहे हैं। इसी सिताबदियारा को इन नदियों से सुरक्षित करने के लिए वर्ष 2016-17 में दोनों राज्यों की सरकारों में 130 करोड़ से सुरक्षा बांध निर्माण पर सहमति बनी। करीब चार किलोमीटर की दूरी में सुरक्षा बांध का निर्माण होना था। बिहार राज्य अपनी सीमा के लिए वर्ष 2018 में ही 85.9930 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी और बिहार राज्य की सीमा में सुरक्षा बांध का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया। लेकिन यूपी की सीमा में निर्माण होने वाला सुरक्षा बांध गंगा किनारे 2300 मीटर व सरयू नदी के किनारे 1175 मीटर में बनना था जिसकी कुल लागत 40.4976 करोड़ रुपये थी। लेकिन लागत के सापेक्ष वर्ष 2017-18 के मार्च माह में मात्र दो करोड़ रुपये ही अवमुक्त हुए। इससे वर्ष 2018 में ही गंगा किनारे करीब 650 मीटर तक सुरक्षा बांध का निर्माण कराकर धन के अभाव में बंद हो गया। इसके बाद सरकार द्वारा कई किस्तों में करीब 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। जिससे करीब 65 प्रतिशत निर्माण कार्य हुआ। बीते अगस्त माह में बाढ़ आने पर कार्य बंद हो गया। बाढ़ समाप्त होने के बावजूद ठेकेदार पुन: जब निर्माण कार्य पुन: शुरू नही किए तो बाढ़ खंड एक्सईएन द्वारा नोटिस जारी कर दी गई जिससे काम शुरू हुआ। लेकिन अभी भी सरयू नदी के किनारे करीब 600 मीटर दूरी में सुरक्षा बांध का निर्माण नहीं हो सका है। बताया जाता है कि किसान जमीनों का उचित मुआवजा के भुगतान की मांग कर रहे हैं लेकिन अधिकारी उनकी बातों को अनसुना कर दे रहे। इसके चलते किसानों ने न्यायालय से स्थगन आदेश कराया है लिहाजा नया पेंच फंस गया है। अगर बाढ़ विभाग ने इस मामले का निपटारा नहीं कराया तो बार्ढ से पूर्व सुरक्षा बांध बनना मुश्किल हो जाएगा और इसका असर कई बाढ़ के दिनों में कई गांवों पर पड़ सकता है।
मुरली छपरा ब्लाक के इब्राहिमाबाद नौबरार पंचायत के रामेश्वर टोला, सुफल टोला, घूरी टोला, नवका टोला का कुछ हिस्सा, बड़का सुफल टोला, शिनारायण टोला, दलेल टोला व कोड़हरा नौबरार पंचायत के भवन टोला, सठिया हैं। इसके अलावा बिहार सीमा के सिताबदियारा पंचायत के आलेख टोला, गरीबा टोला, रामनगर, रावल टोला, चैन छपरा, छोटका बैजू टोला, शोभा छपरा, लाला टोला, रामेश्वर टोला, इसी क्षेत्र के प्रभुनाथनगर पंचायत के दक्षिणवारी चक्की, उत्तरवारी चक्की आदि गांव बाढ़ के दिनों में इसका दंश झेल सकते हैं। लोगों की मानें तो इन गांवों से अब कटान की दूरी बहुत कम रह गई है।
विज्ञापन
सिताबदियारा को गंगा व सरयू नदी की कटान से सुरक्षित करने बांध निर्माण का कार्य चल रहा है। कुछ किसानों की ओर से जमीन को लेकर समस्या है, उनसे वार्ता की जा रही है, जल्द समाधान कर लिया जाएगा।
- संजय कुमार मिश्रा, एक्सइएन, बाढ़ खंड
विज्ञापन
सिताबदियारा में यूपी की कोड़रहा नौबरार (जयप्रकाश नगर ) गंगा किनारे तो वहीं इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगांवा ) सरयू नदी के मुहाने पर है। वहीं बिहार राज्य के सारण (छपरा ) जनपद का सिताबदियारा पंचायत सरयू नदी तो प्रभुनाथ नगर पंचायत गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है। इन चारों पंचायतों के लोग पिछले कई दशक से दोनों नदियों की कटान व बाढ़ का दंश झेलते आ रहे हैं। इसी सिताबदियारा को इन नदियों से सुरक्षित करने के लिए वर्ष 2016-17 में दोनों राज्यों की सरकारों में 130 करोड़ से सुरक्षा बांध निर्माण पर सहमति बनी। करीब चार किलोमीटर की दूरी में सुरक्षा बांध का निर्माण होना था। बिहार राज्य अपनी सीमा के लिए वर्ष 2018 में ही 85.9930 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी और बिहार राज्य की सीमा में सुरक्षा बांध का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया। लेकिन यूपी की सीमा में निर्माण होने वाला सुरक्षा बांध गंगा किनारे 2300 मीटर व सरयू नदी के किनारे 1175 मीटर में बनना था जिसकी कुल लागत 40.4976 करोड़ रुपये थी। लेकिन लागत के सापेक्ष वर्ष 2017-18 के मार्च माह में मात्र दो करोड़ रुपये ही अवमुक्त हुए। इससे वर्ष 2018 में ही गंगा किनारे करीब 650 मीटर तक सुरक्षा बांध का निर्माण कराकर धन के अभाव में बंद हो गया। इसके बाद सरकार द्वारा कई किस्तों में करीब 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। जिससे करीब 65 प्रतिशत निर्माण कार्य हुआ। बीते अगस्त माह में बाढ़ आने पर कार्य बंद हो गया। बाढ़ समाप्त होने के बावजूद ठेकेदार पुन: जब निर्माण कार्य पुन: शुरू नही किए तो बाढ़ खंड एक्सईएन द्वारा नोटिस जारी कर दी गई जिससे काम शुरू हुआ। लेकिन अभी भी सरयू नदी के किनारे करीब 600 मीटर दूरी में सुरक्षा बांध का निर्माण नहीं हो सका है। बताया जाता है कि किसान जमीनों का उचित मुआवजा के भुगतान की मांग कर रहे हैं लेकिन अधिकारी उनकी बातों को अनसुना कर दे रहे। इसके चलते किसानों ने न्यायालय से स्थगन आदेश कराया है लिहाजा नया पेंच फंस गया है। अगर बाढ़ विभाग ने इस मामले का निपटारा नहीं कराया तो बार्ढ से पूर्व सुरक्षा बांध बनना मुश्किल हो जाएगा और इसका असर कई बाढ़ के दिनों में कई गांवों पर पड़ सकता है।
विज्ञापन
मुरली छपरा ब्लाक के इब्राहिमाबाद नौबरार पंचायत के रामेश्वर टोला, सुफल टोला, घूरी टोला, नवका टोला का कुछ हिस्सा, बड़का सुफल टोला, शिनारायण टोला, दलेल टोला व कोड़हरा नौबरार पंचायत के भवन टोला, सठिया हैं। इसके अलावा बिहार सीमा के सिताबदियारा पंचायत के आलेख टोला, गरीबा टोला, रामनगर, रावल टोला, चैन छपरा, छोटका बैजू टोला, शोभा छपरा, लाला टोला, रामेश्वर टोला, इसी क्षेत्र के प्रभुनाथनगर पंचायत के दक्षिणवारी चक्की, उत्तरवारी चक्की आदि गांव बाढ़ के दिनों में इसका दंश झेल सकते हैं। लोगों की मानें तो इन गांवों से अब कटान की दूरी बहुत कम रह गई है।
विज्ञापन
सिताबदियारा को गंगा व सरयू नदी की कटान से सुरक्षित करने बांध निर्माण का कार्य चल रहा है। कुछ किसानों की ओर से जमीन को लेकर समस्या है, उनसे वार्ता की जा रही है, जल्द समाधान कर लिया जाएगा।
- संजय कुमार मिश्रा, एक्सइएन, बाढ़ खंड