बलिया। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। धरना सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दो माह से अधिक समय से देश में किसानों का आंदोलन चल रहा है। लाखों किसान सिंधु बार्डर, गाजीपुर बार्डर और टिकरी बार्डर सहित अन्य बार्डरों पर राजधानी को घेरे हुए हैं। जिसमें पुरुष, महिलाएं, नौजवान, विद्यार्थी, मजदूरों आदि शामिल हैं। किसानों के विरुद्ध पारित तीनों कानूनों की वापसी की मांग कर रहे हैं और मोदी सरकार पुलिस के बल पर उन पर लाठियां चलवाकर दिल्ली में प्रवेश करने से रोक रही है। किसानों को दिल्ली में प्रवेश से रोकने के लिए खाइयां खोदना, कीले ठोकना आदि कार्य कर रही है। देश के कोने-कोने से आए किसान धैर्य पूर्वक आंदोलन कर रहे हैं। वक्ताओं ने मांग किया कि कृषि कानून रद्द किए जाएं और एमएसपी को कानूनी रूप दिया जाए। कृषि सब्सिडी बढ़ाते हुए पूंजीपतियों की सब्सिडी बंद किया जाए। इस मौके पर जनार्दन सिंह, लक्ष्मण पांडेय, सत्यनारायण, अवधेश वर्मा, बलवंत यादव, संतोष सिंह, परमात्मानंद राय, राघवेंद्र कुमार, विजयशंकर आदि रहे।