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Ballia News: मिट्टी की जांच शुरू, मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 24 माह की समय सीमा
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बलिया। वर्षों के इंतजार और लंबी कवायद के बाद जिले में मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्रक्रिया अब जमीन पर उतरने लगी है। महर्षि भृगु स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्रस्तावित स्थल पर निर्माण से पहले मिट्टी की जांच शुरू कर दी गई है।
ई-टेंडर में एल-1 आई लखनऊ की अभिलाषा इंटरप्राइजेज की ओर से सीएमओ कार्यालय के पूरब, आरटीसीपीआर के पीछे, टीबी क्लीनिक के पीछे, 24 नंबर ओपीडी के पास और जिला कारागार परिसर में बोरिंग कर अलग-अलग गहराई से मिट्टी के नमूने लिए जा रहे हैं। करीब 90 फीट नीचे तक बोरिंग कर जमीन की मजबूती और भूगर्भीय स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 437.0021 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी है। परियोजना की पहली किस्त के रूप में 25 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
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पीडब्ल्यूडी के जेई राहुल गुप्ता ने बताया कि निर्माण कार्य डिजाइन, इंजीनियरिंग और निर्माण के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर कराया जाएगा। इसे पूरा करने के लिए 720 दिन यानी 24 माह की समय सीमा तय की गई है। मिट्टी की जांच रिपोर्ट आने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। पुरानी ओपीडी को ध्वस्त करने के लिए अलग से टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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14.05 एकड़ में बनेगा मुख्य परिसर
मेडिकल कॉलेज का मुख्य परिसर पुराने जिला कारागार की करीब 14.05 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाना है। प्रस्तावित मुख्य भवन 10 मंजिला होगा। परियोजना में चिकित्सा शिक्षा के साथ मरीजों के उपचार की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। अस्पताल के लिए जिला अस्पताल की पुरानी ओपीडी और सीएमओ कार्यालय परिसर की भूमि भी शामिल की गई है। यहां 200 बेड, गंभीर मरीजों के लिए 20 आईसीयू बेड और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए आठ मॉड्यूलर ओपीडी प्रस्तावित हैं। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर करने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।
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287.25 करोड़ की एल-1 बोली
ई-टेंडर प्रक्रिया में लखनऊ की अभिलाषा इंटरप्राइजेज एल-1 आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कंपनी ने करीब 287.25 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। यह परियोजना की कुल स्वीकृत लागत से अलग है। अनुबंध की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
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अप्रैल में मिली कैबिनेट मंजूरी
महर्षि भृगु के नाम पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना को अप्रैल 2026 में प्रदेश कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। इसे प्रदेश का 82वां मेडिकल कॉलेज बताया गया है। मई में पहली किस्त जारी होने के बाद अब प्रस्तावित स्थल पर मिट्टी की जांच शुरू होना परियोजना की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। लंबे समय से लंबित यह परियोजना अब घोषणा से आगे बढ़कर निर्माण की ओर जाती दिखाई दे रही है।
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ई-टेंडर में एल-1 आई लखनऊ की अभिलाषा इंटरप्राइजेज की ओर से सीएमओ कार्यालय के पूरब, आरटीसीपीआर के पीछे, टीबी क्लीनिक के पीछे, 24 नंबर ओपीडी के पास और जिला कारागार परिसर में बोरिंग कर अलग-अलग गहराई से मिट्टी के नमूने लिए जा रहे हैं। करीब 90 फीट नीचे तक बोरिंग कर जमीन की मजबूती और भूगर्भीय स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
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प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 437.0021 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी है। परियोजना की पहली किस्त के रूप में 25 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
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पीडब्ल्यूडी के जेई राहुल गुप्ता ने बताया कि निर्माण कार्य डिजाइन, इंजीनियरिंग और निर्माण के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर कराया जाएगा। इसे पूरा करने के लिए 720 दिन यानी 24 माह की समय सीमा तय की गई है। मिट्टी की जांच रिपोर्ट आने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। पुरानी ओपीडी को ध्वस्त करने के लिए अलग से टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
14.05 एकड़ में बनेगा मुख्य परिसर
मेडिकल कॉलेज का मुख्य परिसर पुराने जिला कारागार की करीब 14.05 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाना है। प्रस्तावित मुख्य भवन 10 मंजिला होगा। परियोजना में चिकित्सा शिक्षा के साथ मरीजों के उपचार की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। अस्पताल के लिए जिला अस्पताल की पुरानी ओपीडी और सीएमओ कार्यालय परिसर की भूमि भी शामिल की गई है। यहां 200 बेड, गंभीर मरीजों के लिए 20 आईसीयू बेड और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए आठ मॉड्यूलर ओपीडी प्रस्तावित हैं। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर करने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।
287.25 करोड़ की एल-1 बोली
ई-टेंडर प्रक्रिया में लखनऊ की अभिलाषा इंटरप्राइजेज एल-1 आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कंपनी ने करीब 287.25 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। यह परियोजना की कुल स्वीकृत लागत से अलग है। अनुबंध की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
अप्रैल में मिली कैबिनेट मंजूरी
महर्षि भृगु के नाम पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना को अप्रैल 2026 में प्रदेश कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। इसे प्रदेश का 82वां मेडिकल कॉलेज बताया गया है। मई में पहली किस्त जारी होने के बाद अब प्रस्तावित स्थल पर मिट्टी की जांच शुरू होना परियोजना की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। लंबे समय से लंबित यह परियोजना अब घोषणा से आगे बढ़कर निर्माण की ओर जाती दिखाई दे रही है।