बलिया: गंगा की छाड़न में पलटी छोटी नाव, बाल-बाल बचे परवल की खेती करने जा रहे 10 मजदूर
बलिया के शाहपुर-बभनौली गांव के 10 लोग डोंगी (छोटी नाव) पर सवार होकर दियारे में परवल बोने जा रहे थे। जैसे ही डोंगी कुछ दूर गई वैसे ही गंगा की तेज धारा और हवा के झोंकों ने उसे असंतुलित कर दिया। इससे डोंगी गंगा की तेज लहरों में समा गई।
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बलिया के शाहपुर बभनौली पुरानी बस्ती के पास बृहस्पतिवार को गंगा के छाड़न में डोंगी (छोटी नाव) पलट गई। संयोग अच्छा रहा कि आसपास के लोगों की मदद से सभी लोग बाल-बाल बच गए। वहीं, सूचना से बस्ती में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही ग्रामीणों सहित जिले के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
सुबह करीब 11 बजे गंगा कटान के मुहाने पर निवास कर रहे शाहपुर-बभनौली गांव के 10 लोग ओमप्रकाश साहनी के डोंगी पर सवार होकर दियारे में परवल बोने जा रहे थे। जैसे ही डोंगी कुछ दूर गई वैसे ही गंगा की तेज धारा और हवा के झोंके ने उसे असंतुलित कर दिया। इससे डोंगी गंगा की तेज लहरों में समा गई। घाट पर चीख पुकार मच गई।
संयोग अच्छा रहा कि डोंगी पर सवार अधिकांश लोग तैरना जानते थे। कुछ को आसपास मौजूद ग्रामीणों ने बचा लिया। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। डोंगी पर सवार लोगों में सीताराम मल्लाह (45), राजू मल्लाह (25), शिवकुमारी (50), तारकेश्वर साहनी (25), लक्ष्मण (45), तारा देवी (50), रमेश (35), नरेंद्र राम (32), सुदर्शन साहनी (25), बृजकुमार (28) आदि रहे, जो गंगा नदी में डूबने से बाल बाल बच गए।
गंगा तट पर भारी भीड़ जमा
नहाने गईं दो किशोरियों की मौत, तीन को बचाया
जीवित्पुत्रिका पर मां के साथ कुड़िया घाट पर स्नान करने गईं पांच बालिकाएं बुधवार की शाम नदी के गहरे पानी में डूबने लगीं। महिलाओं के शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे। किसी तरह तीन बालिकाओं को डूबने से बचा लिया, लेकिन नदी की तेज धारा की वजह से दो का पता नहीं चल सका। बृहस्पतिवार को सुबह दोनों बालिकाओं का शव बरामद कर लिया गया।
जीवित्पुत्रिका व्रत के दौरान बुधवार शाम को महिलाएं सरयू नदी के छाड़न कुडिय़ा घाट पर स्नान करने गई थीं। व्रती महिलाओं के साथ बच्चे और कम उम्र की बालिकाएं भी नदी तट पर गई थीं। इस दौरान रीना (14) पुत्री रामदेव, गोल्डी (14) पुत्री रामजी यादव, नीतू (13) पुत्री छोटेलाल, खुशबू (12) पुत्री योगेंद्र यादव, प्रीति (12) पुत्री राजकुमार यादव अचानक डूबने लगीं।
महिलाओं के शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े और तीन बालिकाओं को बचा लिया। रीना और गोल्डी नदी की धारा में समा गईं। उनका कहीं पता नहीं चला। बृहस्पतिवार की सुबह रीना के शव को बरामद कर लिया गया। गोल्डी की तलाश में पुलिस एवं एनडीआरएफ की टीम लगी हुई थी। दोपहर में गोल्डी का शव भी बरामद कर लिया गया।
डूबने वाली सभी बालिकाएं राजागांव खरौनी के फिरंगी टोला की रहने वाली हैं।