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आबकारी विभाग ने जलमिश्रित शराब पकड़े जाने के मामले में की लीपापोती!
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बलिया। आबकारी विभाग शराब दुकानदारों को बचाने के लिए तरह तरह का खेल करता है। सोहांव क्षेत्र के पिपरा मार्ग पर सरकारी शराब दुकान से मिश्रित शराब हुआ और मुकदमा भी दर्ज कराया गया लेकिन विभाग ने लीपापोती कर एक माह के अंदर ही दुकान को बहाल कर दिया।
बिहार प्रांत में शराब बंदी लागू होने के बाद से ही प्रांतीय सीमावर्ती इलाकों में स्थित सरकारी शराब दुकानदारों की चांदी है। सीमावर्ती इलाकों में स्थित सरकारी शराब दुकानदार बिहार में जहां शराब खपाने के लिए का काम करते हैं वहीं दुकानों से मिलावटी शराब की बिक्री भी धड़ल्ले से करते हैं। बतौर उदाहरण प्रांतीय सीमावर्ती इलाका नरही थाना क्षेत्र के पिपरा मार्ग पर स्थित सरकारी देशी शराब दुकान का निरीक्षण 15 फरवरी को आबकारी निरीक्षक नंदलाल चौरसिया ने की। उन्होंने प्रवर्तन अभियान के तहत क्षेत्र में मौजूद प्रवर्तन आजमगढ़ के आबकारी निरीक्षक हरिंद्र कृष्णन की टीम को बुला लिया। टीम ने दुकान से चार पेटियों में 176 जलमिश्रित पौवा बरामद किया। टीम ने चार पेटियों में से तीन-तीन शीशीयों के तीन नमूने जांच के लिए सील किया। टीम ने पाया कि दुकान पर अनधिकृत विक्रेता मौजूद रहा। आबकारी निरीक्षक श्री चौरसिया ने अनिधिकृत विक्रेता बब्बन राम व अनुज्ञापी के खिलाफ नरही थाने में आबकारी अधिनियम 60/64 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। विभाग ने दुकान को अन्य लाइसेंसी को अधिक उठान पर संचालित करने को दे दिया। इसके बाद जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने अनुज्ञापी को नोटिस जारी किया जिसका जवाब अनुज्ञापी ने 24 फरवरी को दिया जिसे डीएम ने संतोषजनक नहीं मानते हुए दो मार्च को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए प्रस्तुत होने कहा। इसके बाद विभाग ने मार्च महीने में अनुज्ञापी की दुकान को बहाल कर दिया। इससे विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं कि इतने कम समय में सभी आरोपों की जांच कैसे हो गई?
नरही थाना क्षेत्र के पिपरा मार्ग स्थित देशी शराब दुकान के नमूने की जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली। जांच रिपोर्ट के आधार पर दुकान को बहाल कर दिया गया।- अनुपम राजन, जिला आबकारी अधिकारी, बलिया
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बिहार प्रांत में शराब बंदी लागू होने के बाद से ही प्रांतीय सीमावर्ती इलाकों में स्थित सरकारी शराब दुकानदारों की चांदी है। सीमावर्ती इलाकों में स्थित सरकारी शराब दुकानदार बिहार में जहां शराब खपाने के लिए का काम करते हैं वहीं दुकानों से मिलावटी शराब की बिक्री भी धड़ल्ले से करते हैं। बतौर उदाहरण प्रांतीय सीमावर्ती इलाका नरही थाना क्षेत्र के पिपरा मार्ग पर स्थित सरकारी देशी शराब दुकान का निरीक्षण 15 फरवरी को आबकारी निरीक्षक नंदलाल चौरसिया ने की। उन्होंने प्रवर्तन अभियान के तहत क्षेत्र में मौजूद प्रवर्तन आजमगढ़ के आबकारी निरीक्षक हरिंद्र कृष्णन की टीम को बुला लिया। टीम ने दुकान से चार पेटियों में 176 जलमिश्रित पौवा बरामद किया। टीम ने चार पेटियों में से तीन-तीन शीशीयों के तीन नमूने जांच के लिए सील किया। टीम ने पाया कि दुकान पर अनधिकृत विक्रेता मौजूद रहा। आबकारी निरीक्षक श्री चौरसिया ने अनिधिकृत विक्रेता बब्बन राम व अनुज्ञापी के खिलाफ नरही थाने में आबकारी अधिनियम 60/64 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। विभाग ने दुकान को अन्य लाइसेंसी को अधिक उठान पर संचालित करने को दे दिया। इसके बाद जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने अनुज्ञापी को नोटिस जारी किया जिसका जवाब अनुज्ञापी ने 24 फरवरी को दिया जिसे डीएम ने संतोषजनक नहीं मानते हुए दो मार्च को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए प्रस्तुत होने कहा। इसके बाद विभाग ने मार्च महीने में अनुज्ञापी की दुकान को बहाल कर दिया। इससे विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं कि इतने कम समय में सभी आरोपों की जांच कैसे हो गई?
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नरही थाना क्षेत्र के पिपरा मार्ग स्थित देशी शराब दुकान के नमूने की जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली। जांच रिपोर्ट के आधार पर दुकान को बहाल कर दिया गया।- अनुपम राजन, जिला आबकारी अधिकारी, बलिया
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