पेपर लीक मामला : 'गिफ्ट टाइम' में होता है नकल और कॉपियों की अदला-बदली का खेल, उस वक्त बंद हो जाती है 'तीसरी आंख'
दावा किया जा रहा है कि जिला प्रशासन में ही हैं पेपर लीक करने वाले। सवाल उठ रहे हैं कि सीसीटीवी में क्यों दर्ज नहीं हो सकीं डबल लॉक रूम की गतिविधियां।
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जिला प्रशासन पेपर लीक और नकल के लिए बाहर के दोषियों को ढूंढने में जुटी हुई है, जबकि अपने लोगों पर उसकी निगाह ही नहीं है। ऐसे लोगों के शामिल हुए बिना यह अपराध संभव ही नहीं हो सकता था।
परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में नकल माफिया व जिला प्रशासन के गठजोड़ तो जगजाहिर हो ही चुका है। एक और तथ्य है सीसीटीवी का, जिसके दम पर प्रशासन नकलविहीन परीक्षा कराने का दावा कर रहा था। कागजों में ही इसे दुरुस्त दिखाकर केंद्रों का निर्धारण किया गया। इन केंद्रों के सीसीटीवी जिला मुख्यालय स्थित मॉनिटरिंग सेल से जुड़े रहने की व्यवस्था है, ताकि हर गतिविधि पर जिला प्रशासन की नजर रहे।
इसके बावजूद डबल लॉक रूम से पेपर निकला तो सीसीटीवी की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी। साफ है कि उस केंद्र के सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त नहीं थे, अगर ठीक होते तो पेपर लीक नहीं होता। यदि कैमरे चालू थे तो जिला प्रशासन का मॉनीटरिंग सेल क्यों नहीं देख सका।
सूत्रों का कहना है कि नकल माफिया के साथ केंद्र निर्धारण होने के बाद भी गिफ्ट टाइम की वसूली होती है। इसमें केंद्र का कैमरा खराब हो जाता है या बंद हो जाता है। एक बार का गिफ्ट टाइम 15 मिनट का होता है। इसी गिफ्ट टाइम में नकल कराने या लिखी हुई कापियों की अदला-बदली की जाती है। इसी लेनदेन के चलते बेखौफ होकर नकल माफिया पेपर लीक या नकल कराते हैं। हालांकि इन सवालों पर जिला प्रशासन कोई भी जवाब देने को तैयार नहीं है।
पत्रकारों की रिहाई की मांग को लेकर कल ‘बलिया बंद’
निर्दोष पत्रकारों की रिहाई, डीएम और एसपी के निलंबन की मांग को लेकर ‘संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा’ ने 16 अप्रैल शनिवार को ‘बलिया बंद’ की घोषणा की है। बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारी, राजनीतिक, सामाजिक और छात्र संगठन तैयारी में जुट गए हैं।
पेपर लीक मामले में पत्रकारों की गिरफ्तारी के बाद से संघर्ष मोर्चा के कलेक्ट्रेट में जारी धरने में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में बलिया बंद की घोषणा की गई। इसे उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ बलिया, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ, सेवा निवृत्त शिक्षक कर्मचारी/ अधिकारी समन्वय समिति, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, रसोइया संघ, कोटेदार संघ, अधिवक्ता संघ, टैक्स बार एसोसिएशन बलिया, भूतपूर्व सैनिक संगठन, ट्रेड यूनियन, छात्र संगठन सहित जनपद के विभिन्न व्यापारी संगठनों के अलावा राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी बंद को समर्थन दिया है। मोर्चा की ओर से अपील की गई है कि लोग बंदी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और पत्रकारों को न्याय दिलाने में सहयोग प्रदान करें।
डीएम कार्यालय में पत्रकारों का क्रमिक अनशन तीसरे दिन भी जारी
पेपर लीक मामले में फर्जी तरीके से गिरफ्तार तीन पत्रकारों की रिहाई के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के बैनर तले डीएम कार्यालय परिसर में चल रहा पत्रकारों का क्रमिक अनशन बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। क्रमिक अनशन पर पहुंचे उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ एवं डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन क्रमश: महामंत्री व जिलाध्यक्ष ने पत्रकारों की लड़ाई में समर्थन देने की घोषणा की।
उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ बलिया के महामंत्री राजेश रावत ने कहा कि बलिया के डीएम ने अपनी काली करतूतों को छिपाने के लिए सच उजागर करने वाले निर्दोष पत्रकारों को जेल भेज दिया। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मलय कुमार पांडेय ने कहा कि पहले नौजवान, व्यापारी, किसान, आमजन की आवाज को दबाया जाता था, लेकिन अब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को दबाया जा रहा है। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। सिकंदरपुर तहसील पत्रकार संघ के अध्यक्ष बृजेंद्र नाथ सिंह ने कहा कि तीनों निर्दोष पत्रकार साथियों की रिहाई तक यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। हम डीएम और एसपी को विदाई करके ही दम लेंगे।
ग्रापए के जिलाध्यक्ष शशिकांत मिश्रा ने कहा कि लड़ाई लंबी लड़नी है। हम सभी को धैर्य रखना होगा और एकजुट रह कर लड़ाई को अंतिम मुकाम तक पहुंचाना है। अधिवक्ता वरुण पांडेय और अखिलेंद्र चौबे ने कहा कि शासन-प्रशासन की गहरी निंद्रा को तोड़ने के लिए अधिवक्तागण पत्रकारों के साथ हैं। इस मौके पर बड़ी संख्या में पत्रकार, व्यापारी, अधिवक्ता और अन्य संगठनों के लोग मौजूद थे। संचालन श्रवण कुमार पांडेय ने किया।
छात्रों ने डीएम और एसपी का फूंका पुतला
निर्दोष पत्रकारों को रिहा करने की मांग को लेकर छात्रों ने बृहस्पतिवार की देर शाम कुंवर सिंह महाविद्यालय के छात्रनेता आशीष मिश्रा के नेतृत्व में रतसर गांधी आश्रम चौराहे पर डीएम और एसपी का पुतला फूंका। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच नोकझोंक भी हुई।
छात्रनेताओं ने कहा कि बोर्ड की इंटर के अंग्रेजी पेपर लीक मामले में तीन पत्रकारों अजीत ओझा, दिग्विजय सिंह एवं मनोज गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने इनके विरुद्ध दुर्भावनावश कार्रवाई की है। पेपर लीक मामले का खुलासा कर इन पत्रकारों ने अपने पत्रकारिता धर्म का पालन किया है।
वक्ताओं ने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित कराएं, ताकि दोषी बचने न पाए और कोई निर्दोष फंसने न पाए । इस मौके पर छात्रनेता अशोक बाबू यादव, संतोष यादव सन्नी, रामप्रताप सिंह, राजा बाबू, नीरज यादव, राजेश, गोलू, सुनील आदि रहे।