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Ballia News: नगर में तिरंगा यात्रा निकाल शिक्षामित्रों ने सांसद को सौंपा मांग पत्र
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बलिया। विभिन्न समस्याओं पर शासन का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए रविवार को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर जिले के शिक्षामित्रों ने तिरंगा यात्रा निकाली और पीडब्ल्यूडी डाक बंगला पहुंचकर सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त को ज्ञापन दिया।
तिरंगा यात्रा नगर के रामलीला मैदान से प्रारंभ होकर एलआईसी रोड, माल गोदाम, स्टेशन रोड, चित्तू पांडे चौराहा, रोडवेज, टीडी कॉलेज चौराहा होते हुए कुंवर चौराहे के पास स्थित पीडब्ल्यूडी डाक बंगला पहुंचा। शिक्षामित्र वहां धरना प्रदर्शन करने लगे इसकी सूचना मिलने पर सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त मौके पर पहुंचकर मांग पत्र लिया।
ज्ञापन में उल्लेख किया है कि हम शिक्षामित्र पिछले 22 सालों से गरीब, शोषित, वंचित, पिछड़े बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश के लगभग 1.5 लाख शिक्षामित्र अपने बच्चों की पढ़ाई, परिवार की परवरिश, दवा, बच्चों की शादी आदि को लेकर चिंतित हैं। शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय हो चुकी हैं। इस कारण प्रतिदिन औसतन 4-5 शिक्षामित्र की मृत्यु हो रही है।
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संघ के जिलाध्यक्ष पंकज सिंह ने मांग की कि नियमावली में संशोधन कर योग्यता पूर्ण कराते हुए उन्हें पुनः समायोजित किया जाए। समायोजन प्रक्रिया पूर्ण होने तक 12 माह, 62 वर्ष की सेवा सुरक्षित करते हुए सम्मानजनक वेतनमान दिया जाए। नई शिक्षा नीति में शिक्षा मित्रों को सम्मिलित कर इनका भविष्य सुरक्षित किया जाए। दिवंगत शिक्षा मित्रों के परिवार को अहेतुक सहायता प्रदान करते हुए आश्रित को जीविकोपार्जन हेतु नियुक्ति दी जाए। टीईटी पास शिक्षा मित्रों को नियमों में शिथिलता देते हुए सहायक अध्यापक पद पर नियमित किया जाए। मूल विद्यालय में वापसी से वंचित शिक्षा मित्रों को पुनः एक अवसर प्रदान करते हुए मूल विद्यालय में वापस किया जाए। साथ ही महिला शिक्षा मित्रों का विवाहोपरांत उनके ससुराल के जनपद के विद्यालय में स्थानांतरित किया जाए। सांसद ने आश्वासन दिया कि वे शिक्षामित्रों की समस्याओं को लेकर हमेशा उनके साथ खड़े। वह इस बात के लिए प्रयासरत हैं कि शिक्षामित्रों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिले।
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तिरंगा यात्रा नगर के रामलीला मैदान से प्रारंभ होकर एलआईसी रोड, माल गोदाम, स्टेशन रोड, चित्तू पांडे चौराहा, रोडवेज, टीडी कॉलेज चौराहा होते हुए कुंवर चौराहे के पास स्थित पीडब्ल्यूडी डाक बंगला पहुंचा। शिक्षामित्र वहां धरना प्रदर्शन करने लगे इसकी सूचना मिलने पर सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त मौके पर पहुंचकर मांग पत्र लिया।
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ज्ञापन में उल्लेख किया है कि हम शिक्षामित्र पिछले 22 सालों से गरीब, शोषित, वंचित, पिछड़े बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश के लगभग 1.5 लाख शिक्षामित्र अपने बच्चों की पढ़ाई, परिवार की परवरिश, दवा, बच्चों की शादी आदि को लेकर चिंतित हैं। शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय हो चुकी हैं। इस कारण प्रतिदिन औसतन 4-5 शिक्षामित्र की मृत्यु हो रही है।
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संघ के जिलाध्यक्ष पंकज सिंह ने मांग की कि नियमावली में संशोधन कर योग्यता पूर्ण कराते हुए उन्हें पुनः समायोजित किया जाए। समायोजन प्रक्रिया पूर्ण होने तक 12 माह, 62 वर्ष की सेवा सुरक्षित करते हुए सम्मानजनक वेतनमान दिया जाए। नई शिक्षा नीति में शिक्षा मित्रों को सम्मिलित कर इनका भविष्य सुरक्षित किया जाए। दिवंगत शिक्षा मित्रों के परिवार को अहेतुक सहायता प्रदान करते हुए आश्रित को जीविकोपार्जन हेतु नियुक्ति दी जाए। टीईटी पास शिक्षा मित्रों को नियमों में शिथिलता देते हुए सहायक अध्यापक पद पर नियमित किया जाए। मूल विद्यालय में वापसी से वंचित शिक्षा मित्रों को पुनः एक अवसर प्रदान करते हुए मूल विद्यालय में वापस किया जाए। साथ ही महिला शिक्षा मित्रों का विवाहोपरांत उनके ससुराल के जनपद के विद्यालय में स्थानांतरित किया जाए। सांसद ने आश्वासन दिया कि वे शिक्षामित्रों की समस्याओं को लेकर हमेशा उनके साथ खड़े। वह इस बात के लिए प्रयासरत हैं कि शिक्षामित्रों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिले।