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जिले में सीरो सर्विलांस कार्य हुआ सम्पन्न, भेजे गए 744 सैम्पल
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बलिया। कोविड-19 के प्रसार के दृष्टिगत जनसामान्य में प्रतिरोधक क्षमता के आकलन के लिए अपर मुख्य सचिव के आदेश पर जनपद में सीरो सर्विलांस कार्य चार जून से छह जून तक चला। सीएमओ डा राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण का फैलाव और संक्रमण का स्तर इस सर्वे के माध्यम से पता लगाया जायेगा। इस दौरान कुल 744 रैंडम सैंपल लिए गए थे। एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए यह रक्त के नमूने लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) भेजे गए। इसके परिणाम से कोरोना की रोकथाम के लिए आगामी योजना बनायी जाएगी।
सीएमओ बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से जिले में 31 साइट्स का चयन किया गया था, जिसमें 3 शहरी व 28 ग्रामीण थे। यह सर्वे 13 टीमों के माध्यम से सम्पन्न हुआ। हर टीम में चार सदस्य एक मेडिकल ऑफिसर, एक लैब टेक्नीशियन, एक एएनएम और एक आशा कार्यकर्ता थी। हर टीम अपने क्षेत्र के चिन्हित ग्राम को चार भागों में बांट कर प्रत्येक तीन घरों को चयनित कर 6 सैंपल लिए गए। नमूने व्यक्ति की लिखित सहमति के बाद ही लिए गए। सीएमओ ने बताया सीरो सर्वे के माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि कितनी आबादी कोरोना से संक्रमित हुई है और कितने प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी विकसित हुई है। लोगों के शरीर से खून लेकर उसकी जांच की जाती है जिससे शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले एंटीबॉडी का पता लगाया जाता है।
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सीएमओ बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से जिले में 31 साइट्स का चयन किया गया था, जिसमें 3 शहरी व 28 ग्रामीण थे। यह सर्वे 13 टीमों के माध्यम से सम्पन्न हुआ। हर टीम में चार सदस्य एक मेडिकल ऑफिसर, एक लैब टेक्नीशियन, एक एएनएम और एक आशा कार्यकर्ता थी। हर टीम अपने क्षेत्र के चिन्हित ग्राम को चार भागों में बांट कर प्रत्येक तीन घरों को चयनित कर 6 सैंपल लिए गए। नमूने व्यक्ति की लिखित सहमति के बाद ही लिए गए। सीएमओ ने बताया सीरो सर्वे के माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि कितनी आबादी कोरोना से संक्रमित हुई है और कितने प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी विकसित हुई है। लोगों के शरीर से खून लेकर उसकी जांच की जाती है जिससे शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले एंटीबॉडी का पता लगाया जाता है।
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