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Ballia News: ढूंढों ढूंढों रे सवरियां मेरा खो गया मेले में..

Tue, 19 Dec 2023 12:11 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Dec 2023 12:11 AM IST
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Search for me, my passengers, I am lost in the fair.
बलिया। ददरी मेला के भारतेंदु कला मंच पर रविवार की रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों और कवियत्रियों ने श्रोताओं पर अपनी रचनाओं से कभी प्रेम रस बरसाया तो कभी देशभक्ति का जज्बा भरा। किसी ने मुक्तकों के माध्यम से गुदगुदाया तो किसी ने शृंगार रस की कविता का पाठ कर माहौल को रोमांचक बना दिया। इतना ही नहीं हास्य व्यंग्य के माध्यम से भी कवियों ने श्रोताओं का खूब मनोरंजन किया। रातभर श्रोता पंडाल में डटे रहे।
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इसके पूर्व कवि सम्मेलन का शुभारंभ प्रदेश के परिवहन मंत्री व सदर विधायक दयाशंकर सिंह तथा विशिष्ट अतिथि आल इंडिया रोड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व विधायक ई. त्रिभुवन राम व जेएनसीयू के कुलपति प्रोफेसर संजीत कुमार गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान नगर पालिका के अध्यक्ष संत कुमार उर्फ मिठाई लाल और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार भी उपस्थित रहे। इसके उपरांत चेयरमैन ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र और एंबलम देकर सम्मानित किया।
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कार्यक्रम का संचालन कर रहे गजेेंद्र सोलंकी ने संचालन के मध्य अपनी काव्य रचनाओं तथा हास्य व्यंग्य से लोगों को खूब गुदगुदाया और वीर रस की कविताओं राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत कर दिया। कवि सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत मशहूर कवियत्री अनामिका जैन अंबर ने सरस्वती वंदना मां तुम आंगन आन पधारों... से किया। इसके उपरांत बलिया के हर्ष पांडेय ने मंगल पांडेय से लगायत चंद्रशेखर से जुड़ी कविताओं का पाठ किया। तदोपरांत लखनऊ से आए सौरभ जायसवाल ने हास्य व्यंग से खूब वाहवाही बटोरी। इसके बाद प्रतिभा यादव ने अपने गीत पलकों पे कोई ख्वाब सजा कर तो देखिए...से खूब तालियां बटोरी।
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वाराणसी से आए सूरज मणि त्रिपाठी ने शृंगार रस और हास्य व्यंग की कविताओं से सबको ओतप्रोत कर दिया। इसके उपरांत पेलोडी कवि मुकेश जोशी मासूम ने काव्य पाठ से महफिल लूट लिया। इसके बाद भोजपुरी भाषा में सुंदर कांड का अनुवाद करने वाले वाराणसी से आए सचितानंद पाठक मुन्ना ने भोजपुरी में कविता सुनाई। तदोपरांत गीत की गंगा के रूप में मशहूर पद्मिनी शर्मा ने प्रेम और शृंगार रस की कविताओं ढूंढों ढूंढों रे सवरियां मेरा खो गया मेले में...से माहौल को सुर्ख कर दिया। इसके बाद हास्य व्यंग के मशहूर कवि शंभू शिखर ने अपनी रचनाओं से महफिल लूट लिया। काव्य पाठ के दौरान शंभू शिखर ने सत्ता से विपक्ष तक पर व्यंग्यों के तीर चलाए। इसके उपरांत कुमार मंजूल ने छुपा कर आंखों में आसमां रखता है...प्रस्तुत कर तालियों बटोंरी। इसके नेताजी लपेटे से ख्यातिलब्ध हुए प्रताप फौजदार ने हास्य के चुटकलों से माहौल को हंसी-ठहाकों में तब्दील कर दिया। इसके उपरांत मेरठ से आई अनामिका अंबर जैन ने अपनी कविताओं खासकर यूपी में बाबा बा...से सबकों रोमांचित कर दिया। पद्मश्री सुनील जोगी ने भी अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। इसके बाद कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे डॉ. हरिओम पवार ने उन आंखों के दो बूंदों से सौ दो सौ सागर हारे हैं,मेंहदी लगी हाथों से मंगल सूत्र उतारे हैं...सुना कर लोगों में देशभक्ति का जज्बा भर दिया। कार्यक्रम के पूर्व में भारतेंदु कला मंच पर जिले के सुल्तानपुर गांव निवासी व स्थानीय कवियत्री कविता सिंह परिहार ने अपनी कविता कि यूं नहीं हम बलियावासी बागी कहलाते हैं...से लोगों का मनोरंजन किया।

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इन कवियों ने सजाई महफिल
डॉ. हरिओम पवार, डॉ. अनामिका अम्बर, पद्मश्री डॉ. सुनील जोगी, शम्भू शिखर, प्रताप फौजदार, गजेन्द्र सिंह चौहान, पद्मिनी शर्मा, मुकेश जोशी मासूम, हर्ष पाण्डेय, सच्चिदानन्द पाठक मुन्ना, सूरज मणि, प्रतिभा यादव, कुमार मंजुल, सौरभ जायसवाल आदि ने काव्य पाठ से महफिल सजाई।

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