बेल्थरारोड। सरयू नदी के जलस्तर में सोमवार से गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार की शाम जलस्तर 63.420 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान 64.010 मीटर से 59 सेंटीमीटर नीचे है। रविवार को जलस्तर खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर नीचे था।
सरयू के जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से गिरावट आ रही है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में कमी होने का पूर्वानुमान किया है। इसके साथ ही तटवर्ती क्षेत्रों में कटान का सिलसिला जारी है। किसानों को खेती के लिए जमीन बचाना मुश्किल हो गया है। हालांकि नदी और टीएस बंधे के बीच चैनपुर, गुलौरा, टगुनिया क्षेत्र में पांच कटानरोधी ठोकर बनाए गए हैं। बावजूद कटान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। टगुनिया, चैनपुर ग्राम के सामने कटान हो रहा है। कृषि योग्य उपजाऊ भूमि कट- कट कर नदी की जलधारा में समाहित हो रही है। अब तक सैकड़ों एकड़ भूमि कटान की भेंट चुकी है। जलस्तर में कमी होने से बाढ़ की संभावना फिलहाल टल गई है, जिससे तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। उधर, चैनपुर में टीएस बंधा व कब्रिस्तान के सामने मिट्टी खनन किए जाने से कमजोर हो रहा है। बेरोकटोक खनन का कार्य जारी रहने से बाढ़ के दिनों में बंधा टूटने की संभावना जताई जा रही है। बंधे से मिट्टी खनन नहीं रोका गया तो लोगों को बाढ़ की विभीषिका का सामना करना पड़ेगा।