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Ballia News: सरयू नदी खतरे के निशान के करीब, आधा सेमी प्रति घंटे बढ़ रहा जलस्तर

Sat, 25 Jul 2026 01:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 01:09 AM IST
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Saryu River near danger mark; water level rising by half a centimeter per hour.
सिकंदरपुर क्षेत्र के निपनिया गांव में उपजाऊ भूमि को काटती सरयू नदी की लहरें।संवाद
बलिया। जिले में गंगा व सरयू के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। शुक्रवार को सरयू नदी की जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया। जलस्तर में आधा सेमी बढ़ाव जारी है। वहीं, गंगा नदी का जलस्तर एक सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रहा।
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बेल्थरारोड में सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि का क्रम जारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार की शाम जलस्तर 63.62 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान 64.01 से 39 सेंटीमीटर नीचे है। आयोग का कहना है कि आधा-आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है।
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गायघाट गेज के मुताबिक शाम चार बजे गंगा नदी का जलस्तर 52.580 मीटर दर्ज किया गया। इसके साथ एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। इस गेज पर खतरा बिंदु 60.240 मीटर है। उधर सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र में सरयू नदी के कारण कटान तेज हो गई है। बिजलीपुर से निपनिया तक लगभग डेढ़ किलोमीटर के दायरे में किसानों के खेत तेजी से नदी में समा रहे। किसानों का कहना है कि प्रतिदिन उनकी उपजाऊ जमीन नदी में समा रही है। ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से तत्काल कटानरोधी कार्य शुरू कराने, बोल्डर पिचिंग एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय कराने की मांग की है। प्रभावित इलाके का तत्काल सर्वे कराकर युद्धस्तर पर कटान रोकने के कार्य शुरू किए जाए।
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44.50 करोड़ की तीन बड़ी परियोजनाओं का अभी 75 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हुआ : मझौवां। गंगा नदी के किनारे चल रहे तीन बड़े कटानरोधी प्रोजेक्ट पर 44.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 49 गांवों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से बाढ़ खंड की ओर से दूबे छपरा, नौरंगा और चक्की नौरंगा में काम चल रहे। हालांकि अभी तक 75 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हो सका।

स्थानीय निवासी गोलू तिवारी, प्रभाकर तिवारी, नरेंद्र तिवारी का कहना है कि हल्की बारिश के बाद ही कई स्थानों पर बोल्डर पिचिंग नदी की ओर झुकती दिखाई दे रही है। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों में एक बार फिर कटान और आशियाना उजड़ने की आशंका गहराने लगी है। वहीं बाढ़ खंड के अधिकारी बोल्डर पिचिंग के झुकाव के आरोपों को पूरी तरह सिरे से खारिज करते हुए कहा कि निर्माण तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया है।
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