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लाल निशान से 18 सेमी उपर बह रही है सरयू नदी
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बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर में उपजाउ भूमि को अपने आगोश लेती घाघरा की लहरे।
- फोटो : BALLIA
बेल्थरारोड। पिछले एक पखवारे से हो रही बारिश से घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बरसात से नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। जलस्तर खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है।
घाघरा का जल तटवर्ती गुलौरा, मठिया, खैरा, मधुबनी, तुर्तीपार, मुजौना की ओर फैलने से लोग सहम गए हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार जलस्तर मंगलवार की शाम 64.190 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 64.010 से 18 सेंटीमीटर ऊपर है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में आधा-आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर वृद्धि होने का पूर्वानुमान किया है।
घाघरा के तटवर्ती कई क्षेत्रों में कटान हो रही है। जिससे किसानों की उपजाऊ भूमि कट-कट कर नदी की जलधारा में विलीन हो रही है। दरअसल नदी के उस पार देवरिया जिले के बरहज-मईल क्षेत्र में बने ठोकर से टकराने के बाद नदी की तमुख्य धारा सीधे मुड़कर बलिया जिले में पहुंचती है, जिससे चैनपुर, गुलौरा, खैरा, मधुबनी, तुर्तीपार, मुजौना, हल्दीरामपुर आदि गांवों में कटान हो रही है। नदी के पानी से प्रभावित होने वाले डेंजर जोन में बसे क्षेत्र के आधा दर्जन गांव अस्तित्व के संकट से जूझ रहे है। जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला फिर से शुरू होने से लोग बाढ़ के खतरे को लेकर भयभीत हैं।
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उप जिलाधिकारी अशोक चौधरी ने बताया कि फिलहाल बाढ़ की संभावना अभी नहीं है। वैसे बाढ़ को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह से अलर्ट है। तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर नदी की प्रकृति की निगरानी की जा रही है।
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घाघरा का जल तटवर्ती गुलौरा, मठिया, खैरा, मधुबनी, तुर्तीपार, मुजौना की ओर फैलने से लोग सहम गए हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार जलस्तर मंगलवार की शाम 64.190 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 64.010 से 18 सेंटीमीटर ऊपर है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में आधा-आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर वृद्धि होने का पूर्वानुमान किया है।
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घाघरा के तटवर्ती कई क्षेत्रों में कटान हो रही है। जिससे किसानों की उपजाऊ भूमि कट-कट कर नदी की जलधारा में विलीन हो रही है। दरअसल नदी के उस पार देवरिया जिले के बरहज-मईल क्षेत्र में बने ठोकर से टकराने के बाद नदी की तमुख्य धारा सीधे मुड़कर बलिया जिले में पहुंचती है, जिससे चैनपुर, गुलौरा, खैरा, मधुबनी, तुर्तीपार, मुजौना, हल्दीरामपुर आदि गांवों में कटान हो रही है। नदी के पानी से प्रभावित होने वाले डेंजर जोन में बसे क्षेत्र के आधा दर्जन गांव अस्तित्व के संकट से जूझ रहे है। जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला फिर से शुरू होने से लोग बाढ़ के खतरे को लेकर भयभीत हैं।
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उप जिलाधिकारी अशोक चौधरी ने बताया कि फिलहाल बाढ़ की संभावना अभी नहीं है। वैसे बाढ़ को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह से अलर्ट है। तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर नदी की प्रकृति की निगरानी की जा रही है।