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रुद्र महायज्ञ के लिए निकाली कलश यात्रा
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Thu, 29 Oct 2015 11:32 PM IST
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संत उड़िया बाबा विश्व कल्याण संस्थान के तत्वावधान में निरंतर 30 वर्षों से चले आ रहे जंगली बाबा धाम पर आयोजित 11 दिवसीय रुद्र महायज्ञ के क्रम में गुरुवार को भव्य शोभा यात्रा कस्बा स्थित हनुमानगढ़ी से निकाली गई। इस दौरान कतारबद्ध कन्याओं के सिर पर कलश और आगे-आगे चल रहे सजे-धजे हाथी, घोड़ा, ऊंट दर्शनीय थे।
महिलाओं के जत्था ने बोल बम के नारों से पूरा वातावरण गूंजायमान कर दिया। साथ ही जंगली बाबा की जय और उड़िया बाबा की जयकारा करते रहे। कलश यात्रा त्रिकालपुर तिराहा होते हुए कस्बा के श्याम गली, हनुमानगली गोविंदपुर होते हुए जंगली बाबा धाम पहुंची, जहां संत बसेरा में स्वामी परमेश्वरानंद सरस्वती जी महराज (उड़िया बाबा) का आशीर्वाद लेते हुए जंगली बाबा के मंदिर जाकर मत्था टेका।
तत्पश्चात जंगली बाबा का दर्शन कर उनके पास जाकर असीस ली। यज्ञकर्ता छोटेलाल उपाध्याय ने कहा कि यज्ञ कराने से और यज्ञ में शामिल होने से विचलित मन को जहां शांति मिलती है। वहीं नकारात्मक शक्ति का खात्मा होता है।
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यज्ञ के क्रम में छह नवंबर को सगम संगीत, 07 नवंबर को स्वामी परमेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज का प्रवचन, आठ और नौ नवंबर काशी पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य, अनंत विभूषित स्वामी नरेंद्र जी महाराज का आशीवर्चन, 10 नवंबर को विशाल भंडारे के साथ यज्ञ का समापन होगा।
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महिलाओं के जत्था ने बोल बम के नारों से पूरा वातावरण गूंजायमान कर दिया। साथ ही जंगली बाबा की जय और उड़िया बाबा की जयकारा करते रहे। कलश यात्रा त्रिकालपुर तिराहा होते हुए कस्बा के श्याम गली, हनुमानगली गोविंदपुर होते हुए जंगली बाबा धाम पहुंची, जहां संत बसेरा में स्वामी परमेश्वरानंद सरस्वती जी महराज (उड़िया बाबा) का आशीर्वाद लेते हुए जंगली बाबा के मंदिर जाकर मत्था टेका।
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तत्पश्चात जंगली बाबा का दर्शन कर उनके पास जाकर असीस ली। यज्ञकर्ता छोटेलाल उपाध्याय ने कहा कि यज्ञ कराने से और यज्ञ में शामिल होने से विचलित मन को जहां शांति मिलती है। वहीं नकारात्मक शक्ति का खात्मा होता है।
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यज्ञ के क्रम में छह नवंबर को सगम संगीत, 07 नवंबर को स्वामी परमेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज का प्रवचन, आठ और नौ नवंबर काशी पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य, अनंत विभूषित स्वामी नरेंद्र जी महाराज का आशीवर्चन, 10 नवंबर को विशाल भंडारे के साथ यज्ञ का समापन होगा।