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Ballia News: भाई के नाम पर आरपीएफ में नौकरी का खुलासा जल्द
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बलिया। बैरिया थाना क्षेत्र से धोखाधड़ी से जुड़ा मामला सामने आया है। भाई के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों और पहचान का सहारा लेकर धनबाद (झारखंड) में आरपीएफ कांस्टेबल के पद पर नौकरी करने का मामला अब खुलासे की ओर है। गोपनीय शिकायत पर हो रही जांच के क्रम में बैरिया से झारखंड के धनबाद पहुंची पुलिस टीम ने आरपीएफ कांस्टेबल के शैक्षिक प्रमाण पत्र रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों से मांगे हैं। रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने इस संबंध में पुलिस से समय मांगा है।
मामले में की गई गोपनीय शिकायत शिकायत के अनुसार आरपीएफ में तैनात एक व्यक्ति पर नौकरी लगने से पूर्व कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। खुद को अपात्र पाए जाने के डर से उसने कथित तौर पर अपने सगे भाई के दस्तावेजों का सहारा लिया और आरपीएफ में उसकी नियुक्ति हो गई। वर्तमान में वह पूर्व रेलवे के धनबाद मंडल में तैनात है।
गोली के निशान से खुली पोल
इस मामले की जांच कर रहे क्षेत्राधिकारी बैरिया मोहम्मद फहीम कुरैशी के सामने रविवार शाम आरोपी का भाई (जिसके नाम पर नौकरी चल रही है) अपना पक्ष रखने पहुंचा। सीओ को संदेह हुआ कि उनके सामने खड़ा व्यक्ति वह नहीं है जो धनबाद में ड्यूटी कर रहा है। जांच के दौरान सीओ को जानकारी मिली थी कि वास्तविक भाई को वर्ष 2009 में एक घटना में गोली लगी थी। जब उन्होंने कमरे में मौजूद व्यक्ति से हाथ दिखाने को कहा तो उसके हाथ पर गोली का पुराना निशान पाया गया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि सामने खड़ा व्यक्ति ही असली है और धनबाद में तैनात सिपाही कोई और है।
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प्रथम दृष्टया शिकायत सही प्रतीत हो रही है। धनबाद से शैक्षणिक प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज प्राप्त होते ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। यदि धोखाधड़ी की पुष्टि होती है, तो पहचान छिपाकर नौकरी करने वाले और इसमें सहयोग करने वाले दोनों भाइयों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - मो. फहीम कुरैशी, क्षेत्राधिकारी।
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मामले में की गई गोपनीय शिकायत शिकायत के अनुसार आरपीएफ में तैनात एक व्यक्ति पर नौकरी लगने से पूर्व कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। खुद को अपात्र पाए जाने के डर से उसने कथित तौर पर अपने सगे भाई के दस्तावेजों का सहारा लिया और आरपीएफ में उसकी नियुक्ति हो गई। वर्तमान में वह पूर्व रेलवे के धनबाद मंडल में तैनात है।
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गोली के निशान से खुली पोल
इस मामले की जांच कर रहे क्षेत्राधिकारी बैरिया मोहम्मद फहीम कुरैशी के सामने रविवार शाम आरोपी का भाई (जिसके नाम पर नौकरी चल रही है) अपना पक्ष रखने पहुंचा। सीओ को संदेह हुआ कि उनके सामने खड़ा व्यक्ति वह नहीं है जो धनबाद में ड्यूटी कर रहा है। जांच के दौरान सीओ को जानकारी मिली थी कि वास्तविक भाई को वर्ष 2009 में एक घटना में गोली लगी थी। जब उन्होंने कमरे में मौजूद व्यक्ति से हाथ दिखाने को कहा तो उसके हाथ पर गोली का पुराना निशान पाया गया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि सामने खड़ा व्यक्ति ही असली है और धनबाद में तैनात सिपाही कोई और है।
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प्रथम दृष्टया शिकायत सही प्रतीत हो रही है। धनबाद से शैक्षणिक प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज प्राप्त होते ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। यदि धोखाधड़ी की पुष्टि होती है, तो पहचान छिपाकर नौकरी करने वाले और इसमें सहयोग करने वाले दोनों भाइयों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - मो. फहीम कुरैशी, क्षेत्राधिकारी।