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रिकवरी के आदेश की कॉपी हुई गायब
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Fri, 16 Sep 2016 08:17 PM IST
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- फोटो : demo pic
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इंदिरा आवास आवंटन में अपात्रों से रिकवरी आदेश की कॉपी ही गायब हो गई है। इसका खुलासा तब हुआ जब नए पीडी ने रिकवरी के आदेश के संबंध में बाबुओं से फाइल मांगी। लेकिन उन्हें आदेश की कापी नहीं मिल सकी, पूछताछ की तो बाबू हीलाहवाली करने लगे। ऐसे में पीडी ने नए सिरे से मामले में जांच बैठाते हुए दो दिनों के अंदर बीडीओ से जांच आख्या मांगी है।
अमर उजाला में ‘अपात्रों से आवास रिकवरी ठंडे बस्ते में’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने के बाद नवांगतुक सीडीओ संतोष कुमार ने तुरंत पीडी आरके त्रिपाठी को तलब कर मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। चूंकि पीडी आरके त्रिपाठी भी नए-नए आए हैं, लिहाजा उनको मामले की इसके पहले की जानकारी नहीं है।
उन्होंने अपने बाबू को तुरंत तलब कर जब पूरी जानकारी मांगी तो पता चला कि सीडीओ के आदेश की कॉपी ही गायब है और तो और बाबू का कहना है कि सीडीओ के ऐसा कोई आदेश की कापी नहीं है। जबकि चार फरवरी को जमुआ निवासी संतोष कुमार के शिकायती पत्र पर तत्कालीन सीडीओ ने रिकवरी का आदेश दिया था।
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इसके साथ अमर उजाला में छह फरवरी 2016 के अंक में प्रकाशित खबर में सीडीओ ने साफ बयान दिया था कि मामले में संतोष कुमार यादव की शिकायत पर जांच बैठाई गई थी, जांच में आरोप सहीं पाए जाने पर 15 लोगों से रिकवरी का आदेश जारी किया गया है। गायब की बात को यहां से और बल मिलता है कि फरवरी माह के शिकायत कापी शिकायत कर्ता के पास यथावत है। लेकिन विभाग के पास इस माह की कोई भी कापी नहीं है। इस माह की कापी जिस पर सीडीओ आदेश किए थे। पीडी संतोष कुमार ने कहा कि इंदिरा आवास मामले में यदि किसी अपात्र को किस्त जारी किया गया है तो उससे निश्चित ही रिकवरी होगी।
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अमर उजाला में ‘अपात्रों से आवास रिकवरी ठंडे बस्ते में’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने के बाद नवांगतुक सीडीओ संतोष कुमार ने तुरंत पीडी आरके त्रिपाठी को तलब कर मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। चूंकि पीडी आरके त्रिपाठी भी नए-नए आए हैं, लिहाजा उनको मामले की इसके पहले की जानकारी नहीं है।
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उन्होंने अपने बाबू को तुरंत तलब कर जब पूरी जानकारी मांगी तो पता चला कि सीडीओ के आदेश की कॉपी ही गायब है और तो और बाबू का कहना है कि सीडीओ के ऐसा कोई आदेश की कापी नहीं है। जबकि चार फरवरी को जमुआ निवासी संतोष कुमार के शिकायती पत्र पर तत्कालीन सीडीओ ने रिकवरी का आदेश दिया था।
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इसके साथ अमर उजाला में छह फरवरी 2016 के अंक में प्रकाशित खबर में सीडीओ ने साफ बयान दिया था कि मामले में संतोष कुमार यादव की शिकायत पर जांच बैठाई गई थी, जांच में आरोप सहीं पाए जाने पर 15 लोगों से रिकवरी का आदेश जारी किया गया है। गायब की बात को यहां से और बल मिलता है कि फरवरी माह के शिकायत कापी शिकायत कर्ता के पास यथावत है। लेकिन विभाग के पास इस माह की कोई भी कापी नहीं है। इस माह की कापी जिस पर सीडीओ आदेश किए थे। पीडी संतोष कुमार ने कहा कि इंदिरा आवास मामले में यदि किसी अपात्र को किस्त जारी किया गया है तो उससे निश्चित ही रिकवरी होगी।