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याद आया स्वच्छता ग्राहियों का चयन
ballia
Updated Wed, 07 Mar 2018 11:04 PM IST
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शौचालय
- फोटो : अमर उजाला
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स्वच्छता अभियान के तहत शौचालयों की विजिलेंस जांच को लेकर पंचायती राज विभाग सकते में है। जांच से पहले विभाग सब कुछ दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। हालांकि कई ऐसे मामले में हैं जिसमें अधिकारियों पर कार्रवाई तय है। अब ऐसे में विभाग को अब स्वच्छता ग्राहियों की तैनाती और प्रशिक्षण की याद आई है। विजिलेंस की ओर से पंचायती राज विभाग से एक अक्तूबर 2014 से लेकर अब तक के शौचालयों का ब्योरा मांगा गया है। इसको देखते हुए विभाग पूरी तरह सतर्कता बरत रहा है। पिछले चार सालों से संचालित योजना को लेकर स्वच्छता ग्राहियों के चयन करने व प्रशिक्षण देने का काम भी अब शुुरु कर दिया गया है। सूत्रों की मानें तो आठ मार्च से जिले के ही एक निजी होटल में इसका आयोजन भी किया जाएगा। इससे यह भी साफ हो रहा है कि स्वच्छता ग्राहियों के चयन में भी पंचायती राज विभाग ने गड़बड़झाला किया है और उससे बचने के लिए अब प्रक्रिया शुरु की जा रही है।
सूत्रों की मानें तोलालगंज ः शौचालयों की जाँच विजिलेंस टीम द्वारा होने की खबर से प्रधानों एवं सचिवों में हड़कंप मचा हुआ है। सभी प्रधान एवं सचिव कहीं कागजात सुदृढ़ करने में लगे हैं तो कहीं निर्मित शौचालयों की गिनती की जा रही है। बुधवार को ब्लॉक पर लाभार्थियों की सूची एवं ग्राम निधि खाता संख्या की अद्यतन रिपोर्ट तैयार की जाती रही। लोगों का मानना है कि अगर सही जाँच करके एक-एक शौचालय की गिनती कराये तो कई ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये का गबन सामने आ सकता है।
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सूत्रों की मानें तोलालगंज ः शौचालयों की जाँच विजिलेंस टीम द्वारा होने की खबर से प्रधानों एवं सचिवों में हड़कंप मचा हुआ है। सभी प्रधान एवं सचिव कहीं कागजात सुदृढ़ करने में लगे हैं तो कहीं निर्मित शौचालयों की गिनती की जा रही है। बुधवार को ब्लॉक पर लाभार्थियों की सूची एवं ग्राम निधि खाता संख्या की अद्यतन रिपोर्ट तैयार की जाती रही। लोगों का मानना है कि अगर सही जाँच करके एक-एक शौचालय की गिनती कराये तो कई ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये का गबन सामने आ सकता है।
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