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बारिश से किसानों के चेहरे खिले
अमर उजाला ब्यूरो बलिया।
Updated Mon, 29 Jun 2015 12:08 AM IST
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लंबे समय तक गर्मी और उमस झेल रहे आमजन को शनिवार की रात से हो रही बारिश ने राहत दी। एक तरफ बारिश ने नगर पालिका प्रशासन की कलई खोली तो दूसरी तरफ कृषि कार्य की शुरूआत की।
जिससे किसानों के चेहरे खिलखिला उठे। झमाझम बारिश से नगर के विभिन्न सड़कों एवं गलियों में जलजमाव हो गया। जिससे लोगों का घर से निकला मुश्किल हो गया। बीते बुधवार को हुई बारिश ने जहां कृषि कार्य को आरंभ किया। वहीं शनिवार की रात हुई बारिश ने कृषि कार्य को बढ़ावा दिया। झमाझम बारिश के बाद कुछ क्षेत्रों में धान की रोपाई आरंभ हुई।
बारिश के कारण कलेक्ट्रेट परिसर समेत नगर के सतीश चंद्र कालेज चौराहा, बालेश्वर मंदिर रोड, काजीपुरा रोड, बहेरी मुहल्ला, बक्सर कार स्टैंड सहित अन्य मार्गों पर जलजमाव हो गया। सबसे दयनीय स्थिति काजीपुरा-मिड्ढी मार्ग की रही। इस मार्ग को सीवरेज निर्माण के लिए खोदकर छोड़ दिया गया। जिससे सड़क पर कीचड़ हो गया। इस मार्ग से गुजरने वाले अधिकांश बाइक सवार गिरकर चुटहिल हो गए।
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वहीं मुस्लिम बंधुओं को रमजान के पाक महीने में नाली के गंदे पानी एवं कीचड़ से होकर मस्जिद में नमाज अदा करने जाना पड़ रहा है। इसके बाद चित्तू पांडेय से लेकर क्रासिंग तक तथा गड़वार तिराहे से कटहल नाला पुलिया तक कीचड़ होने के कारण राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ी।
जिला अस्पताल के बर्नवार्ड से लेकर ब्लड बैंक तक जलजमाव हो गया। वार्ड में आने-जाने वाले मरीजों एवं उनके तीमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दूसरी तरफ कई नाले ओवरफ्लो होने के कारण उसका पानी सड़कों पर फैल गया है। यहां तक की नालों का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। कई नालियों में तो पालिका कर्मियों के फावड़े तक नहीं पहुंच सके हैं। जिसके कारण लोग अपने घरों में दुबके रहे।
बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश से नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र की सूरत बिगड़ गई। क्षेत्र के निचले इलाकों के दूकानों और मकानों में पानी घुस गया। बाजार वाला पोखरा स्थित सब्जी मंडी कीचड़ से सराबोर हो गया।
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जिससे किसानों के चेहरे खिलखिला उठे। झमाझम बारिश से नगर के विभिन्न सड़कों एवं गलियों में जलजमाव हो गया। जिससे लोगों का घर से निकला मुश्किल हो गया। बीते बुधवार को हुई बारिश ने जहां कृषि कार्य को आरंभ किया। वहीं शनिवार की रात हुई बारिश ने कृषि कार्य को बढ़ावा दिया। झमाझम बारिश के बाद कुछ क्षेत्रों में धान की रोपाई आरंभ हुई।
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बारिश के कारण कलेक्ट्रेट परिसर समेत नगर के सतीश चंद्र कालेज चौराहा, बालेश्वर मंदिर रोड, काजीपुरा रोड, बहेरी मुहल्ला, बक्सर कार स्टैंड सहित अन्य मार्गों पर जलजमाव हो गया। सबसे दयनीय स्थिति काजीपुरा-मिड्ढी मार्ग की रही। इस मार्ग को सीवरेज निर्माण के लिए खोदकर छोड़ दिया गया। जिससे सड़क पर कीचड़ हो गया। इस मार्ग से गुजरने वाले अधिकांश बाइक सवार गिरकर चुटहिल हो गए।
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वहीं मुस्लिम बंधुओं को रमजान के पाक महीने में नाली के गंदे पानी एवं कीचड़ से होकर मस्जिद में नमाज अदा करने जाना पड़ रहा है। इसके बाद चित्तू पांडेय से लेकर क्रासिंग तक तथा गड़वार तिराहे से कटहल नाला पुलिया तक कीचड़ होने के कारण राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ी।
जिला अस्पताल के बर्नवार्ड से लेकर ब्लड बैंक तक जलजमाव हो गया। वार्ड में आने-जाने वाले मरीजों एवं उनके तीमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दूसरी तरफ कई नाले ओवरफ्लो होने के कारण उसका पानी सड़कों पर फैल गया है। यहां तक की नालों का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। कई नालियों में तो पालिका कर्मियों के फावड़े तक नहीं पहुंच सके हैं। जिसके कारण लोग अपने घरों में दुबके रहे।
बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश से नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र की सूरत बिगड़ गई। क्षेत्र के निचले इलाकों के दूकानों और मकानों में पानी घुस गया। बाजार वाला पोखरा स्थित सब्जी मंडी कीचड़ से सराबोर हो गया।