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Ballia News: युवा दौड़ रहे सड़क पर, जिम्मेदार कागजों में खोज रहे मैदान
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खेल मैदान के अभाव में सड़क पर दौड़ लगाते भर्ती की तैयारी करने वाले युवा । संवाद
- फोटो : टूंडला में वार्ता करते श्रीनगर रामलीला महोत्सव के पदाधिकारी संवाद
जयप्रकाश नगर। विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत शिवपुर उर्फ कर्ण छपरा, सोनकी भाट और आंशिक सोनबरसा समेत 14 गांवों के युवाओं के सामने खेल मैदान का अभाव बड़ी समस्या है। सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवा खेल मैदान नहीं होने पर एनएच-31 के बैरिया-मांझी मार्ग और बलराम सिंह के डेरा से रामपुर संपर्क मार्ग पर दौड़ लगाने सहित अन्य अभ्यास करते हैं। वहीं जिम्मेदार कागजों में जमीन खोज रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में युवा सेना, पुलिस भर्ती और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन गांवों के आसपास खेल मैदान नहीं होने से उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़क पर दौड़ लगाने के दौरान वाहनों की आवाजाही से हादसे का खतरा भी बना रहता है।
युवा आशीष मिश्रा ने कहा कि क्षेत्र में युवाओं की संख्या काफी है, लेकिन अभ्यास के लिए कोई मैदान नहीं होने से सड़क पर दौड़ लगानी पड़ती है। इससे परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। प्रशासन को जल्द से जल्द खेल मैदान की व्यवस्था करनी चाहिए।
युवराज सिंह ने कहा कि सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं को नियमित अभ्यास की जरूरत होती है। मैदान नहीं होने के कारण तैयारी प्रभावित होती है। यदि सरकारी स्तर पर व्यवस्थित मैदान उपलब्ध करा दिया जाए तो युवाओं को काफी सुविधा मिलेगी।
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दुर्गेश सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों के अभाव में उन्हें उचित अवसर नहीं मिल पाता। खेल मैदान बनने से क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, वॉलीबाल और एथलेटिक्स के खिलाड़ियों को भी अभ्यास का बेहतर माहौल मिलेगा।
क्षेत्र में वाजिदपुर गांव में नया मैदान प्रस्तावित है, जिसका अभी प्रकाशन नहीं हुआ है। प्रकाशन होते ही उसमें कार्य लग जाएगा। इसके बाद भी यदि कहीं जमीन मिलती है तो उसे बनवाया जा सकता है। जिस-जिस गांव में जमीन उपलब्ध होगी, वहां-वहां सरकार के निर्देशानुसार गांवों में वॉलीबाल व बैडमिंटन के लिए छोटे खेल मैदान बनाए जाएंगे। - शकील अख्तर अंसारी, बीडीओ, मुरली छपरा, बलिया
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युवा आशीष मिश्रा ने कहा कि क्षेत्र में युवाओं की संख्या काफी है, लेकिन अभ्यास के लिए कोई मैदान नहीं होने से सड़क पर दौड़ लगानी पड़ती है। इससे परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। प्रशासन को जल्द से जल्द खेल मैदान की व्यवस्था करनी चाहिए।
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युवराज सिंह ने कहा कि सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं को नियमित अभ्यास की जरूरत होती है। मैदान नहीं होने के कारण तैयारी प्रभावित होती है। यदि सरकारी स्तर पर व्यवस्थित मैदान उपलब्ध करा दिया जाए तो युवाओं को काफी सुविधा मिलेगी।
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दुर्गेश सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों के अभाव में उन्हें उचित अवसर नहीं मिल पाता। खेल मैदान बनने से क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, वॉलीबाल और एथलेटिक्स के खिलाड़ियों को भी अभ्यास का बेहतर माहौल मिलेगा।
क्षेत्र में वाजिदपुर गांव में नया मैदान प्रस्तावित है, जिसका अभी प्रकाशन नहीं हुआ है। प्रकाशन होते ही उसमें कार्य लग जाएगा। इसके बाद भी यदि कहीं जमीन मिलती है तो उसे बनवाया जा सकता है। जिस-जिस गांव में जमीन उपलब्ध होगी, वहां-वहां सरकार के निर्देशानुसार गांवों में वॉलीबाल व बैडमिंटन के लिए छोटे खेल मैदान बनाए जाएंगे। - शकील अख्तर अंसारी, बीडीओ, मुरली छपरा, बलिया