फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Random sampling of the administration, is there any danger bell

प्रशासन का रैंडम सैंपलिंग, कहीं खतरे की घंटी तो नहीं

Mon, 11 May 2020 08:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2020 08:18 PM IST
विज्ञापन
Random sampling of the administration, is there any danger bell
बलिया। प्रशासन के रैंडम जांच ने जिले के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। जिलाधिकारी ने पहले कोरोना पॉजिटिव मरीज की सूचना देने के लिए जारी किए गए वीडियो में बताया कि ट्रेन संख्या 9455 के माध्यम से अहमदाबाद से आए लोगों को डीएवी इंटर कॉलेज में बने क्वारंटीन सेंटर भेजा गया। वहां आए कुल 57 लोगों में से रैंडमली दस लोगों को रोक लिया गया और शेष को होम क्वारंटीन में भेज दिया गया। अब वे शेष लोग ही जिला प्रशासन के लिए खतरे की घंटी बन सकते हैं। कारण कि यदि रैंडम जांच को आधार मानें तो 57 में से छांटे गए दस में एक कोरोना पॉजिटिव सामने आया है, अब यदि इसे संख्या के आधार पर पैमाना माना जाए तो उनमें से पांच के कोरोना पॉजिटिव होने की बात को कोई टाल नहीं सकता।
विज्ञापन

जिला प्रशासन की ओर से जारी वीडियो इस बात का प्रमाण है कि जिन दस लोगों को सैंपलिंग के लिए रोका गया था, उनमें कोरोना के कोई लक्षण सामने नहीं आ रहे थे। सभी सामान्य नजर आ रहे थे। तब प्रशासन ने संख्या के आधार पर उनमें रैंडमली दस लोगों को छांट लिया, जिनकी सैंपलिंग करानी थी, बाकी को छोड़ दिया गया। लेकिन अब एक मरीज के पॉजिटिव आने के बाद छोड़े गए सभी 47 लोग भी अब उस दायरे में आ गए हैं कि उनकी कोरोना जांच होनी चाहिए। क्योंकि उनमें से कितने पॉजिटिव हो सकते हैं, इसकी कल्पना कोई नहीं कर सकता। इसके अलावा पॉजिटिव मिले किशोर के साथ बलिया से अहमदाबाद जाने और आने वाले इसके नौ साथियों की भी जांच अवश्य होनी चाहिए। हालांकि अमर उजाला की ओर से इन नौ लोगों के गांव में जांच टीम भेजी गई तो ये सभी नार्मल जीवन जीते नजर आए। अब यदि इनमें एक भी पॉजिटिव मिलता है तो वह कितनों को यह बीमारी बांट चुका होगा, इसकी कल्पना भी डराने वाली है। हालांकि प्रशासन ने उन सभी को अब घरों से उठाना प्रारंभ भी कर दिया है।
विज्ञापन

जयप्रकाश नगर संवाद सूत्र के अनुसार क्षेत्र के बाबू के डेरा निवासी तीन व ठेकहा गांव निवासी एक व चांददीयर निवासी तीन लोगों को प्रशासन ने उठा लिया है। इन सभी को बलिया जिला मुख्यालय ले जाया गया है। अब क्षेत्र में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि यदि यही करना था तो आखिर इन लोगों को छोड़ा ही क्यों गया था, क्योंकि इनमें से यदि एक भी पॉजिटिव रहा होगा तो उसने अब तक कई लोगों को बीमारी बांट दी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed